बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के कारण 150 से ज्यादा बच्चे अपनी जिंदगी गंवा चुके हैं। इस बीमारी का असर फल और सब्जी के निर्यात पर पड़ रहा है। राज्य के पड़ोसी देश नेपाल ने अपने कस्टम चेक पोस्ट से कहा है कि लैब परीक्षण प्रमाणपत्र पेश न करने वाले फल और सब्जी से लदी गाड़ियों और बैलगाड़ियों को प्रवेश न करने दें।
फल और सब्जी से भरे हजारों ट्रक पिछले छह दिनों से बीरगंज के कस्टम चेक पर कस्टम अधिकारी की हां के इंतजार में खड़े हुए हैं। कस्टम चेक पर खड़े ट्रक के ड्राइवर रामप्रित राय ने कहा, 'हमें नेपाली कस्टम अधिकारी जबरन पास के रक्सौल शहर जाने के लिए बोल रहे हैं और उनका कहना है कि हम अगली बार लैब परीक्षण प्रमाणपत्र लेकर आएं।'
अपने उत्पादों को खराब होने से बचाने के लिए ट्रक ड्राइवर सब्जियों और फलों को मामूली दामों पर बेच रहे हैं। बिहारशरीफ के ड्राइवर रती लाल ने कहा कि उनका केले से भरा पूरा ट्रक खराब हो गया।
कुमार ने कहा, 'नेपाल सरकार ने 17 जून से खाद्य उत्पादों के आयात के लिए लैब परीक्षण प्रमाणपत्र की अनिवार्य आवश्यकता को लागू कर दिया है। इसके कारण छोटे व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।'
सीमा जागरण मंच के राज्य मुखिया महेश अग्रवाल ने कहा, 'कस्टम चेक पोस्ट पर खाद्य जांच के लिए लेबोरेटरी बनाई जानी चाहिए ताकि छोटे व्यापारियों को वहां से लैब परीक्षण प्रमाणपत्र मिल जाए।' नेपाल में केवल काठमांडू में ही जांच लैब होने से भारत से नेपाल को फल और सब्जियों की सप्लाई नहीं हो पा रही हैं।
नेपाल सरकार ने लैब में टेस्ट के बाद ही भारतीय सब्जियों और फलों की खेप को लेने आदेश दिया है। बताया गया कि नेपाल के सुनौली बॉर्डर से कुछ दिन पूर्व फल और सब्जियों की खेप नेपाल पहुंची थी। जिनके इस्तेमाल से कुछ लोग बीमार पड़ गए थे। इसके बाद नेपाल सरकार ने पेस्टिसाइड टेस्ट कराने के बाद ही भारतीय सब्जियों और फलों को नेपाल में आयात करने का आदेश दिया है।