बिहार राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से पीजी करने के बाद छात्रों को तीन साल तक सरकारी अस्पतालों में सेवा देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर छात्रों को जुर्माना भरना पड़ेगा।
जो छात्र पीजी करते समय कोर्स को बीच में छोड़ देते हैं, उनको 15 लाख का जुर्माना लगेगा। जबकि जो छात्र पीजी करने के बाद यदि तीन साल तक सरकारी अस्पतालों में सेवा नहीं देते उनपर 25 लाख का जुर्माना लगेगा। इसके लिए छात्रों को एडमिशन के समय बाउंड भी साइन करना होगा।
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में बुधवार को कैबिनेट मीटिंग में यह फैसला लिया गया। कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मलहोत्रा ने कहा कि एडमिशन समाप्त होने के बाद भी छात्र कोर्स बदलते हैं।
उन्होंने कहा कि पीजी कोर्स में आवेदन करने वाले छात्र अन्य संस्थानों में भी आवेदन करते हैं, जिससे कई सीटें खाली रह जाती है। राज्य में 6 मेडिकल कॉलेज हैं। पीजी कोर्स में कुल 477 सीटें हैं और हरेक साल लगभग 450 छात्र पास करते हैं।