नाव से अपने स्कूल जाते बच्चे और काम पर जाते ग्रामीण
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बिहार के दरभंगा जिला के हायाघाट और हनुमाननगर प्रखंड के करीब आधा दर्जन गांव में बागमती और करेह नदी में उफान आने से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। हायाघाट प्रखंड मुख्यालय को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर पानी आ जाने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस इलाके में बाढ़ का पानी आने से नया टोला, घरारी, सराय हामिद, हनुमाननगर प्रखंड के अम्माडीह, बहपत्ति, छतौना सहित करीब आधा दर्जन गांव बुरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। ग्रामीणों के लिए गांव से आवागमन करने का एकमात्र साधन नाव ही बचा है। बाढ़ का पानी आने से इस इलाके के करीब 25 हजार की आबादी का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस इलाके के पीड़ितों को अपने पशुओं के लिए चारा जुटाने में सबसे ज्यादा समस्या हो रही है।
हनुमाननगर प्रखंड वार्ड नंबर 5 में मध्य विद्यालय के चारों तरफ बाढ़ का पानी फैल गया है। लेकिन यहां शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आदेश के डर से शिक्षक स्कूल को खोले हुए हैं। इस कारण बच्चे जान को जोखिम में डालकर नाव की सवारी कर पढ़ने जा रहे हैं।
ग्रामीण रामबृक्ष पासवान ने बताया कि पूरा इलाका बाढ़ के पानी से घिर गया है। इस इलाके में अभी तक जिला प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की है। बच्चों के स्कूल खुले हुए हैं। बच्चे नाव वाले को 10 रुपये देकर पढ़ने जाया करते हैं। बाढ़ के पानी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हायाघाट प्रखंड के अंचलाधिकारी अंकुर राय ने पुष्टि करते हुए कहा कि नयाटोला, घरारी सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि आज से पानी घटने लगा है। आज पानी की स्थिति देखने के बाद सामुदायिक किचेन चलाने का निर्णय लिया जाएगा। बाढ़ ग्रस्त इलाकों में नौका परिचालन की जांच की जाएगी।