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बिहार के इस शहर में अमोनिया गैस रिसाव?: कई बच्चों की तबीयत बिगड़ी, घुटन-चक्कर और उल्टी की शिकायत; जानें मामला

Mon, 05 Oct 2026 04:55 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय

सार

बेगूसराय में हर्ल खाद कारखाने के पास सोमवार सुबह तेज दुर्गंध फैलने से अफरा-तफरी मच गई। स्कूल के बच्चों और शिक्षकों ने आंखों में जलन, घुटन, चक्कर और उल्टी की शिकायत की। स्थानीय लोगों ने गैस रिसाव का दावा किया, जबकि प्रबंधन ने इनकार किया।

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हवा में घुली तेज दुर्गंध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेगूसराय के बीहट रिफाइनरी रोड स्थित हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (हर्ल) खाद कारखाने के आसपास सोमवार सुबह अचानक तेज और तीखी दुर्गंध फैलने से अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने इसे अमोनिया गैस रिसाव से जोड़ते हुए कई लोगों के प्रभावित होने का दावा किया। पास के स्कूल में बच्चों और शिक्षकों ने आंखों में जलन, घुटन, चक्कर और उल्टी की शिकायत की।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कारखाने की ओर से अचानक तेज गंध आने लगी। कुछ ही देर में आसपास के लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी, चक्कर और उल्टी जैसी दिक्कतें महसूस होने लगीं। कुछ दुकानदारों ने शटर गिराकर इलाके से हटना बेहतर समझा।

दुर्गंध का असर पास के यूएमएस तेलशोधक कॉलोनी स्कूल में भी महसूस किए जाने की बात सामने आई। प्रधानाध्यापक मनोज कुमार के अनुसार, स्कूल खुलने के कुछ देर बाद ही बच्चों और शिक्षकों को आंखों में जलन और घुटन महसूस होने लगी। कई बच्चों ने चक्कर और उल्टी की शिकायत की।

आरुषि, पियूष और आदित्य समेत कुछ बच्चों को बरौनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में ले जाने की बात कही गई है। स्कूल की शिक्षिका कुमारी उमा भारती के करीब दो घंटे तक बेहोश रहने का दावा भी सामने आया है। प्रधानाध्यापक के मुताबिक, करीब 45 मिनट तक स्कूल में स्थिति बेहद परेशान करने वाली रही। बच्चों ने दुर्गंध से बचने के लिए नाक पर कपड़ा रखा।

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हालांकि, हर्ल प्रबंधन ने अमोनिया गैस रिसाव की किसी भी घटना से साफ इनकार किया है। प्रबंधन के अनुसार, प्लांट अभी स्टार्टअप प्रक्रिया में है और इस दौरान फ्लेयर जलने से हल्की दुर्गंध पैदा हो सकती है। प्रबंधन ने कहा कि अमोनिया गैस के रिसाव जैसी कोई घटना नहीं हुई है और इस संबंध में कही जा रही बातें बेबुनियाद हैं।

घटना के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी तीखी दुर्गंध का वास्तविक स्रोत क्या था। अगर यह अमोनिया गैस नहीं थी तो किस गैस या रासायनिक प्रक्रिया के कारण लोगों को परेशानी हुई? क्या आसपास के स्कूल और आबादी के लिए तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय किया गया था?

एक तरफ स्थानीय लोग और स्कूल प्रबंधन दुर्गंध के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने की बात कह रहे हैं, वहीं हर्ल प्रबंधन अमोनिया रिसाव से पूरी तरह इनकार कर रहा है। ऐसे में मौके की हवा और संभावित रासायनिक तत्वों की वैज्ञानिक जांच, प्रभावित लोगों की मेडिकल रिपोर्ट और प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है।

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