सांप को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया
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बिहार के पश्चिम चंपारण में वाल्मीकिनगर से सटे रिहायशी इलाके में मंगलवार को एक बार फिर दुर्लभ प्रजाति के सांप को देखा गया है। इस सांप को कॉपर हेडेड ट्रिंकेट सांप कहते हैं। जल संसाधन विभाग के गंडक प्रोजेक्ट स्थित ऊपरी शिविर तीन नंबर पहाड़ कॉलोनी निवासी पारस नाथ तिवारी के घर के बेडरूम में विशालकाय जंगली सांप निकल आया। उसे देखकर अफरा-तफरी मच गई। सुबह दस बजे बेडरूम में इस सांप को रेंगते हुए देखा गया।
बता दें कि 13 अप्रैल को भी ऐसा ही सांप देखा गया था। उसे देखकर वन विभाग के लोग काफी खुश हुए थे। हालांकि तब उसका रेस्क्यू नहीं हो पाया था। लेकिन इस बार सांप का रेस्क्यू वन विभाग ने कर लिया है। अभी यह पता नहीं लग पाया है कि जो सांप रेस्क्यू हुआ है, वह वही है या फिर कोई और सांप है।
बताया गया कि विशालकाय सांप पर नजर पड़ी तो लोगों के होश उड़ गए। परिजनों के घर से बाहर निकलते लोगों ने वन विभाग को इसकी जानकारी दी। स्नैक कैचर शंकर ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर सांप का रेस्क्यू कर VTR के जटाशंकर जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया।
वन सुंदरी भी कहते हैं इस सांप को
नेचर एनवायरनमेंट वाइल्ड सोसायटी के फील्ड ऑफिसर अभिषेक ने बताया कि कॉपर हेडेड ट्रिंकेट सांप को वन सुंदरी के नाम से भी जाना जाता है। यह सांप हिमालय के तराई वाले जंगलों में पाए जाते है। इसका सिर कलरफुल होता है और इसके पीठ के ऊपर धारियां होती हैं। इसके कारण यह देखने में बेहद सुंदर लगता है। यही कारण है कि सांप को वन सुंदरी का दर्जा मिला हुआ है। यह विषहीन सांप होता है।
रेंजर अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि गर्मी के बढ़ते ही जंगली जीव जंतु अक्सर रिहायशी इलाके में चले आते हैं। हमें सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसी परिस्थिति में जीव जंतु को कोई हानि पहुंचाए बिना वन विभाग को सूचित करें।