बिहार के बेतिया के एक निजी क्लीनिक में एक नवजात शिशु की मौत इलाज के दौरान हो गई है। वहीं परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना जिले के बगहा की है। जिसका संचालक डॉक्टर मोहन चौधरी है। मृतक की पहचान बगहा के बरवा फार्म निवासी गुड्डू बासफोर के 21 दिन के नवजात शिशु के रूप में की गई है।
घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। घटना शनिवार शाम की है। बताया जाता है कि बगहा के बरवा फार्म निवासी गुड्डू बासफोर अपनी पत्नी के साथ नवजात बच्चे को लेकर इलाज के लिए डॉक्टर मोहन चौधरी के क्लीनिक पहुंचे। बच्चा काफी रो रहा था और उसका दम फुल रहा रहा था।
वहीं डॉक्टर ने इलाज करना शुरू किया। इलाज के दौरान डॉक्टर द्वारा दिए गए इंजेक्शन और दवाओं से बच्चे की हालत और बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई है। मौत के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर और क्लीनिक के सभी कर्मचारी मौके से फरार हो गए है।
गुस्साए परिजनों ने क्लीनिक पर जमकर बवाल काटने लगे। मृत नवजात के पिता गुड्डू बासफोर का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही की वजह से उनके बच्चे की मौत हुई है। उन्होंने बताया की जब वे डॉक्टर से अपने मौत के बारे में पूछताछ किया, तो डॉक्टर और कंपाउंडर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किए, साथ ही मारपीट करते हुए जातिसूचक गालियां दी और तरह तरह की धमकी देते हुए भगाने लगे।
वहीं अस्पताल परिसर में परिजनों के हंगामा की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस परिजनों को समझा बुझाकर किसी तरह शांत कराया और मामलें की जांच पड़ताल में जुट गई। साथ ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया है। इधर नगर थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया की मृत बच्चे के परिजन पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिए हैं। पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है। मृत बच्चे के पिता की ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस मामलें की जांच पड़ताल मे जुटी हुई है।