बिहार के नालंदा में दो अलग-अलग थाना क्षेत्र में करंट के संपर्क में आने से मंगलवार की रात एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि एक अन्य गंभीर रूप से झुलस गया। मामला चंडी थाना क्षेत्र के बेलधना गांव का है। जहां करंट के संपर्क में आने से दिवंगत चंद्रिका प्रसाद के बेटे मनोज प्रसाद (40) की मौत हो गई है। वहीं, हरनौत थाना क्षेत्र के बस्ती बीघा गांव निवासी राम प्रीत यादव के बेटे राजीव रंजन (24) करंट के संपर्क में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। उसका इलाज बिहार शरीफ के सदर अस्पताल में चल रहा है।
मृतक के परिजन ने बताया कि बेलधना सालेपुर मोड़ के पास करंट के संपर्क में आने से मनोज प्रसाद गंभीर रूप से जख्मी हो गए। आसपास के लोगों ने जब शोर मचाया तो ग्रामीण जुटे और इलाज के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वह वहां किस काम से और क्यों गए थे, इसका पता नहीं है।
वहीं, घायल युवक के परिजन ने बताया कि पटवन कार्य को लेकर राजीव पानी का पाइप लेकर खेत की ओर जा रहा था। अंधेरा रहने के कारण पता नहीं चल सका और वह पहले से लटके 440 वोल्ट के बिजली प्रवाहित तार के संपर्क में आ गया। इस वजह से वह गंभीर रूप से झुलस गया। आनन-फानन में ग्रामीणों द्वारा उसे देसी इलाज के बाद हरनौत रेफरल अस्पताल ले जाया गया। जहां से बिहार शरीफ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
राजीव रंजन के परिजन बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि बिजली विभाग के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लुंज-पुंज तारों की अनदेखी की जाती है। जबकि मुख्यमंत्री का पैतृक गांव बगल में ही है। वहीं, उन लोगों ने कहा कि हरनौत रेफरल अस्पताल में भी इलाज के नाम पर बीमार लोगों को सिर्फ रेफर किया जाता है।
चंडी थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस अप्राकृतिक मौत का मामला (यूडी केस) दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।