राजनीति को पवित्र और अपराध मुक्त करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट की तल्खी और चुनाव आयोग की सख्ती के बावजूद सियासी दलों में अपराधियों को टिकट देने की होड़ मची है। बिहार विधानसभा चुनाव में अपराधियों को टिकट देने में राजद बेशक सबसे आगे है, लेकिन अपराधियों से किसी भी दल को परहेज नहीं है।
एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के मुताबिक चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए दलों ने जिन अपराधियों पर दांव लगाए हैं, उनमें ऐसे गंभीर अपराधी भी हैं, जिन्हें कम से कम पांच साल तक की सजा हो सकती है।
पहले चरण के लिए घोषित 1064 उम्मीदवारों में से 328 (31 फीसदी) आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं। राष्ट्रीय जनता दल ने 73 फीसदी दागियों को टिकट दिया है, वहीं भाजपा 72 फीसदी आरोपियों को टिकट देकर इस सूची में दूसरे स्थान पर है।
एडीआर के अनुसार 244 (23 फीसदी) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट वाले गंभीर अपराधों में केस दर्ज होना स्वीकार किया है। 29 प्रत्याशियों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध में केस दर्ज होना स्वीकार किया है। इनमें से तीन ने दुष्कर्म का केस दर्ज होने का हलफनामा दिया है। एडीआर ने 1066 में से 1064 उम्मीदवारों के हलफनामे के विश्लेषण के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है।
1064 प्रत्याशियों में 375 (35 फीसदी) करोड़पति
पहले चरण का चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में राजद के अनंत कुमार सिंह सबसे धनवान हैं, वहीं पांच प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जिनके पास कोई संपत्ति नहीं है। पहले चरण के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.99 करोड़ रुपये बताई गई है। इनमें से 9 फीसदी उम्मीदवारों के पास पांच करोड़ या उससे अधिक संपत्ति है। जबकि 12 फीसदी के पास 2 से 5 करोड़ की संपत्ति है।
गंभीर अपराध वाले उम्मीदवार
| दल |
उम्मीदवार |
प्रतिशत |
| राजद 41 |
22 |
54 |
| लोजपा 41 |
20 |
49 |
| भाजपा 29 |
13 |
45 |
| कांग्रेस 21 |
09 |
43 |
| जदयू 35 |
10 |
29 |
| बसपा 26 |
05 |
19 |
किस पार्टी ने कितने दागियों को बांटे टिकट
| दल |
उम्मीदवार |
प्रतिशत |
| राजद 41 |
30 |
73 |
| भाजपा 29 |
21 |
72 |
| लोजपा 41 |
24 |
59 |
| कांग्रेस 21 |
12 |
59 |
| जदयू 35 |
15 |
43 |
| बसपा 26 |
08 |
31 |
राजद के सबसे ज्यादा करोड़पति
| दल |
उम्मीदवार |
प्रतिशत |
| राजद 41 |
39 |
95 |
| जदयू 35 |
31 |
89 |
| भाजपा 29 |
24 |
83 |
| लोजपा 41 |
30 |
73 |
| कांग्रेस 21 |
14 |
67 |
| बसपा 26 |
12 |
46 |
43 फीसदी उम्मीदवार पांचवीं से 12वीं पास
पहले चरण में 43 फीसदी उम्मीदवारों ने अपनी शिक्षा पांचवीं से 12वीं पास की घोषणा की है। वहीं 49 फीसदी प्रत्याशियों ने स्नातक और उससे ऊपर की पढ़ाई की है। कुल उम्मीदवरों में 11 फीसदी महिलाएं हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद प्रत्याशियों के चयन में राजनीतिक दलों पर कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने फिर से अपना वही ढर्रा अपनाते हुए आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे 31 फीसदी उम्मीदवारों को टिकट दिया है। - जगदीप छोकर, संस्थापक एवं ट्रस्टी एडीआर