एक तरफ जहां देश में स्वच्छ भारत अभियान जारी है वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश का एक गांव टॉयलट की वजह से दो जातियों के बीच मतभेद का गवाह बना है।
मध्य प्रदेश के बाराखेरा गांव में पटेल और प्रजापति आपस में सिर्फ इसलिए भीड़ गए क्योंकि प्रजापति समाज के लोगों के टॉयलट के दरवाजे की दिशा उनके घर की तरफ है। जिस वजह से पटेल समुदाय के लोगों ने भड़ास निकालते हुए टॉयलट को तोड़ दिए।
गांव में रहने वाली चंपा ने बताया 'पटेल समुदाय हमें डरा और धमका रहा है। न तो हम टॉयलट का इस्तेमाल कर पा रहे हैं और ना ही हमें शौच के लिए बाहर जाने दिया जा रहा है।'
वहीं प्रशासन के लिए भी यह मुद्दा गली की हड्डी बन गया है। बीते शनिवार को अधिकारियों की एक टीम गांव पहुंची ताकि टूटे टॉयलट का निर्माण फिर से शुरू हो सके।
वहीं पटेल समुदाय के भगवान दास ने कहा कि 'पूरे दिन हमें मजबूरन टॉयलट से अंदर-बाहर जाते हुए लोगों को देखना पड़ता है। टॉयलट रोड के बिल्कुल पास में बनाए गए हैं। हमनें इसकी शिकायत पंचायत से भी की है।'
जिला पंचायत के सीईओ हर्ष दीक्षित ने कहा "शौचालयों को क्यों तोड़ा गया इसकी जांच के लिए एक टीम भेजी है। मैं रिपोर्ट आने के बाद ही टिप्पणी करूंगा।"