मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक दर्दनाक घटना हुई है, एक दस साल का बच्चा खेल-खेल में फांसी के फंदे का शिकार हो गया। ऋतिक शर्मा अपने घर में परदे से खेल रहा था, तभी वो परदा बच्चे के लिए फांसी का फंदा बन गया और कुछ दिन बाद बच्चे की मौत हो गई।
परदे से खेलते समय बच्चा अचानक परदे में लिपट गया, जिसके बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ी तो उसके परिवार वाले उसे हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में दस दिन तक बच्चे का इलाज चला लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा पाए। जांच अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि ऋतिक अपने परिवार के साथ अयोध्या नगर स्थित भवानीधाम फेज-1 में रहता था।
ऋतिक चौथी कक्षा में पढ़ता था और उसके पिता निजी नौकरी करते हैं। एसआई ने बताया कि 29 अगस्त को ऋतिक अपनी मां के साथ खेल रहा था, मिनी पियानो बजा रहा था और बहन दूसरे कमरे में थी। खेल के दौरान ऋतिक परदे से लिपटकर खेल रहा था, जिसके बाद परदे से उसका गला जकड़ गया और वो बेहोश हो गया।
जब उसकी मां ने परदे से लिपटा देखा तो वो चिल्लाई और तुरंत अपने बच्चे को अस्पताल ले गई। बच्चे का शुरुआती इलाज पिपलानी स्थित इंद्रपुरी के एक निजी अस्पताल में चल रहा था लेकिन बुधवार को बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसे हमीदिया अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टर ने बच्चे के चेक-अप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि परदे की जकड़न से बच्चे की गर्दन की हड्डी टूट गई थी।