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लॉकअप में आरोपियों को पहनाई हथकड़ी, फिर फोटो किए वायरल, 50-50 हजार का लगा जुर्माना

Wed, 16 Dec 2020 03:45 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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भोपाल: प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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अयोध्या नगर के दो पुलिसकर्मियों ने महिला की शिकायत पर उसके पति और देवर के खिलाफ मारपीट का झूठा केस बनाया। इसके बाद उन्हें लॉकअप में हथकड़ी लगाकर बंद कर दिया। इतना ही नहीं, इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। यह सब कारस्तानी अब उन पुलिसकर्मियों पर भारी पड़ रही है। दरअसल, वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले का संज्ञान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया और मध्य प्रदेश पुलिस के साथ यूपी पुलिस को इस मामले की जांच करने को कहा। मध्य प्रदेश पुलिस ने तत्कालीन तत्कालीन थाना प्रभारी और एएसआई को दोषी माना। इस पर एएसआई सुमेर सिंह टेकाम को सस्पेंड कर दिया। वहीं, थाना प्रभारी बलजीत सिंह पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ-साथ सजा भी दी गई है।

आयोग ने 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया

आयोग ने इसे मानवाधिकारों को हनन मानते हुए दोनों आरोपियों को 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी देने को कहा है। गौरतलब है कि यह प्रदेश का पहला ऐसा मामला है, जिसमें किसी आयोग द्वारा की गई जांच में पुलिसकर्मियों को झूठे केस पर कार्रवाई कर गलत रिपोर्ट बनाने का दोषी पाया गया।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, खुशबू नाम की एक महिला ने अपने पति एम घनश्याम और देवर के खिलाफ अयोध्या नगर थाने में शिकायत दर्ज दी थी। घनश्याम दिल्ली में एक मल्टी नेशनल कंपनी का कर्मचारी है। पुलिस ने 5 जुलाई को दोनों को गिरफ्तार कर लिया और दोनों को धारा 151 के तहत एसडीएम कोर्ट में पेश कर दिया। यहां पर उनसे एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भरने को कहा गया। दोनों के पास इतनी राशि नहीं थी तो उन्हें जेल भेज दिया गया।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा

जांच में सामने आया कि एएसआई टेकाम ने दोनों को 5 जुलाई की दोपहर एक बजे गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पकड़ने का स्थान अयोध्या नगर के चौराहे पर रात 11 बजे बताया। अधिकारियों ने जब सीसीटीवी फुटेज निकाली तो पता चला दोनों रात 11 बजे लॉकअप में बंद थे। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि एएसआई ने दोनों के फोटो खींचकर किसी को भेजे थे। वहीं, एक महिला भी लॉकअप में पीड़ितों के फोटो खींच रही थी।

राष्ट्रीय मानवाधिकार के पास कैसे पहुंचा मामला?

जानकारी के मुताबिक, लॉकअप मे हथकड़ी लगे आरोपियों के फोटो घनश्याम की पत्नी ने वायरल किए थे। उसने अपने पति के ऑफिस में भी यह वीडियो भेजा। जब वह ड्यूटी ज्वाइन करने पहुंचे तो उनके बॉस और साथियों ने उन्हें यह वायरल वीडियो दिखाया। घनश्याम ने आरोप लगाया कि पुलिस की इस कार्रवाई से उसके छोटे भाई को जिंदगी ख़राब हो गई। वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा था, लेकिन अब वह एग्जाम नहीं दे पाएगा। ऐसे में उन्होंने पुलिस वालों के खिलाफ मानवाधिकार हनन के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।
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