मध्य प्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन ने कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार किया है। बच्चन ने कहा कि भाजपा राज्य में शासन परिवर्तन को पचा नहीं पा रही है। रतलाम की घटना में हत्यारा आरएसएस का कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार निकला। चाहे रतलाम हो या मंदसौर, यह भाजपा ही है जो कानून व्यवस्था अपने हाथ में ले रही है।
प्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से कहा, प्रदेश की 40 दिन पुरानी कांग्रेस की सरकार पर भाजपा कानून एवं व्यवस्था का सवाल उठा रही है जबकि मंदसौर और रतलाम में हुये हत्याकांड में भाजपा से जुड़े लोग आरोपी के तौर पर सामने आये हैं। उन्होने कहा कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन को भाजपा पचा नहीं पा रही है और सत्ता परिवर्तन के बाद इनका वास्वविक चरित्र सामने आ रहा है।
बच्चन ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर कटाक्ष करते हुए कहा, उनके आदमी हिम्मत पाटीदार द्वारा मारे गये दलित व्यक्ति के परिवार को सांत्वना देने चौहान क्या उसके घर जाएंगे। उन्होंने कहा कि चौहान इस खुलासे पर अब तक कोई ट्वीट भी नहीं किया। दरअसल, बच्चन 20 जनवरी को बड़वानी जिले में भाजपा नेता मनोज ठाकरे 48 की लाश पाये जाने के कुछ मिनट बाद ही चौहान द्वारा ट्वीट करने का अप्रत्यक्ष तौर पर जिक्र कर रहे थे।
बच्चन ने कहा कि पुलिस बड़वानी हत्या कांड का भी जल्द ही खुलासा कर देगी। गृहमंत्री ने कहा, दोनों हत्याकांड का थोड़े ही वक्त में खुलासा हो गया है और आरोपी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर भाजपा से जुड़े हैं। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन को भाजपा पचा नहीं पा रही है। सत्ता परिवर्तन के बाद इनका वास्तविक चरित्र सामने आ गया है।
बच्चन ने सख्त लहजे में कहा कि प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था को बनाये रखने के लिये सभी संभव कदम उठाये जाएंगे और जो कोई भी कानून को हाथ में लेगा उसके खिलाफ सख्ती से निपटा जायेगा। उन्होंने कहा कि हम आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं तथा हम प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था का बेहतर बातावरण बनाना चाहते हैं।
बता दें कि कुछ दिन पहले राज्य के दो जिलों रतलाम और मंदसौर में भाजपा नेताओं की हत्याएं हुई थीं। दोनों ही मामले में भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ता ही आरोपी निकले। हत्याओं को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर जबरदस्त हमला बोलते हुए कहा था कि नई सरकार में भाजपा नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा था कि हम कैसे चुप रह सकते हैं जब भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं को मारा जा रहा है? कातिलों को पकड़ा जाना चाहिए। कांग्रेस ने राज्य को अराजकता की ओर धकेल दिया है। हम इसे बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।