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मां ने दिन रात मेहनत करके पढ़ाया, बेटी ने नाम चमकाया

Wed, 27 Apr 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर
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12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में विज्ञान संकाय में 486 अंक लेकर प्रीति चंदेल ने प्रदेश भर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। - फोटो : अमर उजाला
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जब दिल में कुछ करने की सच्ची लगन हो, तो बिना साधनों के भी कामयाबी हासिल की जा सकती है। बिलासपुर की प्रीति चंदेल ने यह बात साबित कर दी है। दुनिया में आते ही सिर से पिता साया उठने के बावजूद भी बिलासपुर की प्रीति चंदेल ने अपनी कार्य क्षमता के दम पर प्रदेश भर में अपना और अपनी मां का नाम रोशन किया है।
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मां अनीता चंदेल ने पति की मौत के बाद भी कड़ी मेहनत की और बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। सोमवार को घोषित हुए 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में विज्ञान संकाय में 486 अंक लेकर प्रीति चंदेल ने प्रदेश भर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जब प्रीति चंदेल छह माह की थी, तो उनके पिता सुरेंद्र सिंह का निधन हो गया।

पति की मृत्यु के बाद प्रीति और उनकी माता अनीता चंदेल पर दुखों का पहाड़ टूट गया, लेकिन उसकी माता अनीता चंदेल ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने एक निजी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया, जहां उन्होंने कई वर्षों तक नौकरी की और बेटी के पालन-पोषण में कोई कमी नहीं आने दी। वहीं, प्रीति ने भी अपनी माता का साथ देते हुए जमकर पढ़ाई की और प्रदेश में नाम कमाया।
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मम्मी ने बहुत कुछ किया मेरे लिए : प्रीति

अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान प्रीति चंदेल ने बताया कि उनका सपना डॉक्टर बनने का है। - फोटो : अमर उजाला
वर्तमान में प्रीति की माता हमीरपुर जिला के रैली-जजरी में हेल्थ वर्कर के रूप में सेवाएं दे रही हैं। प्रीति चंदेल को जन्म 25 फरवरी, 1999 में हुआ। शुरू से ही प्रीति पढ़ाई-लिखाई में आगे रही। इसके चलते स्कूल में हमेशा उसने पहला स्थान प्राप्त किया। कड़ी मेहनत और लगन के चलते ही प्रीति चंदेल ने दसवीं कक्षा में 681 अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।

इसके लिए उन्हें अमर उजाला द्वारा शिमला में आयोजित प्रतिभा सम्मान में मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया था। जो कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के माध्यम से मिला था। साथ ही बोर्ड ने भी धर्मशाला में प्रीति को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया था।

अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान प्रीति चंदेल ने बताया कि उनका सपना डॉक्टर बनने का है। ताकि वह लोगों की सेवा करने सहित अपनी मम्मी का नाम रोशन कर सके। उन्होंने कहा कि मम्मी ने मेरे लिए बहुत कुछ किया है।

कभी किसी चीज की कमी नहीं आने दी। प्रीति एआईपीएमटी की तैयारी कर रही हैं, जिसका टेस्ट एक मई को हमीरपुर में है। वह इसके लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं। प्रीति को किताबें पढ़ना और डांस करना बहुत अच्छा लगता है।
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