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मदर्स डे स्पेशल : जन्म नहीं दिया, फिर भी निभाया मां का फर्ज 

Sun, 08 May 2016 12:52 PM IST
नेहा शर्मा/अमर उजाला, नोएडा
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- फोटो : अमर उजाला
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अपने बच्चों के लिए सभी मां ममता आंचल बिछा देतीं हैं। उसकी खुशियों के लिए सब न्यौछावर कर देती हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी मां से मिला रहे हैं जिन्होंने न जाने कितने गरीब बच्चों की जिंदगी में अपनी ममता से उजाला भर दिया।
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बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए इन्होंने शादी तक नहीं की। सभी बच्चों को सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त बेहतर स्कूलों में पढ़ा रही हैं। ऐसी ही एक मां है सेक्टर-31 निवासी शोभा सूद।

खुद शोभा कहती हैं, ‘भले ही मैंने इन बच्चों को जन्म नहीं दिया। लेकिन सभी से मुझे बहुत प्यार है।  इन बच्चों के चेहरों पर मुस्कान आती है तो मेरा दिल भी खुश हो जाता है।’ 
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मां का सपना पूरा करना ही बना उद्देश्य
60 वर्षीय शोभा सूद की मां दिव्यांग थीं। उन्हें और उनकी मां को बच्चों से बहुत प्यार था। उन्होंने बच्चों के भविष्य को संवारने को जीवन का लक्ष्य बना लिया। बच्चों को पढ़ाते-पढ़ाते दो बच्चे टीना और सोनिया उनके पास ही रहने लगीं।

दोनों डीएवी पब्लिक स्कूल में पढ़ती हैं। वह कहती हैं कि स्कूल में भी इन बच्चों के अभिभावक के तौर पर मुझे ही जानते हैं। बड़ी बेटी टीना के 10वीं 10 सीजीपीए आए थे। उस दौरान मुझे लगा कि मेरी मेहनत सफल हुई।

अब तो लगता ही नहीं कि ये मेरी बच्चे नहीं हैं। डीएवी स्कूल में 12वीं में पढ़ने वाली टीना ने बताया कि भले ही हमें शोभा मां ने जन्म न दिया हो, लेकिन वो हमारी सगी मां से भी बढ़कर हैं। उनकी बदौलत ही हमारी जिंदगी संवरी हैं। उन्होंने हमारी छोटी से लेकर बड़ी खुशी का ख्याल रखा है।    

अब तक 50 से अधिक बच्चों की बनी मां

शोभा सूद ने बताया कि मैं 50 बच्चों को पढ़ाती हूं, जिसमें से 2 बच्चे मेरे पास ही रहते हैं। ये सभी बच्चे मुझे मां बुलाते हैं। इनके मां शब्द ने ही मुझे बहुत प्यार दिया है। रोजाना सुबह के समय 48 बच्चे मेरे घर आ जाते हैं।

उन सब बच्चों के लिए खान बनाने के बाद उन्हें स्कूल भेजती हूं। उसके बाद बच्चे स्कूल से आते हैं और थोड़ी देर आराम करने के बाद ट्यूशन पढ़ाती हूं। मैंने बॉटनी में एमसी की है। इसलिए पढ़ाने में भी इतनी दिक्कत नहीं होती है।

मेरी सहेलियां भी बच्चों को पढ़ाने में मेरी मदद करती हैं। कई बच्चों को डांस का बहुत शौक है। इसलिए उनकी शाम को डांस क्लास होती है। इन बच्चों की जिंदगी संवारना ही मेरा लक्ष्य है। मुझे बहुत खुशी होती है जब मुझे इतने बच्चे मां कहकर बुलाते हैं।

बच्चों ने मां को लिखा पत्र  

- फोटो : अमर उजाला
पोंटी चड्ढा फाउंडेशन की ओर से संचालित माता भगवती चड्ढा निकेतन स्कूल में शनिवार को मदर्स डे के उपलक्ष्य में बच्चों ने अपनी-अपनी मां के नाम पत्र लिखा। पत्र में बच्चों ने मां के प्रेम को इस तरह से जाहिर किया कि उसे पढ़कर लोगों की आंखों में आंसू आ गए।

स्पेशल चाइल्ड तुषार ने अपने पत्र में लिखा कि मैं बचपन में बहुत होशियार था। लेकिन जब से मुझे दौरे पड़ने शुरू हुए तब से मैं पढ़ाई में कमजोर हो। उस दौरान मेरी मां ने मेरा साथ दिया। आज में उस बीमारी से उभर रहा हूं।

अंत में धन्यवाद मां कहते हुए अपना पत्र समाप्त किया। ऐसे में अलग-अलग बच्चों ने अपनी भावनाओं को शब्दों के जरिये पत्र में लिखा। स्कूल के प्रिंसिपल वंदना शर्मा को भी बच्चे मां ही मानते हैं।

बच्चों ने मां के  लिए लिखे स्लोगन

- फोटो : अमर उजाला
महर्षि विद्या मंदिर में शनिवार को मदर्स डे मनाया गया। सुबह बच्चे अपनी मां की फोटो लेकर स्कूल पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु पूजन के साथ हुई। इसके बाद कक्षा 5 से लेकर 8 वीं तक के छात्रों ने अपनी मां की फोटो फ्रेम में लगाकर स्लोगन लिखे।

जो लोगों ने काफी पसंद किए। कक्षा 7 की छात्रा टीशा शर्मा ने अपनी मां पर कहानी सुनाई और खूब तालियां बटोरीं। अंत में अध्यापिकाओं ने भी अपने अनुभव बांटे। इसके बाद सभी बच्चों ने मां के आदर करने का संकल्प लिया। 

इस मदर्स डे पर हम लोगों ने मां के लिए सरप्राइज गिफ्ट पार्टी रखी है। मां पूरे दिन हम लोगों की खुशी में लगी रहती हैं। उनकी खुशी का ख्याल रखना भी हमारा कर्तव्य है। ये दिन मां के लिए खास बनने वाला है। - विक्रम

इस मदर्स डे पर हम लोग मां के साथ बाहर घूमने के लिए जाएंगे। ये दिन उनके लिए यादगार बनाने की कोशिश करेंगे। घर में ही मां की पसंद का खाना बनाएंगे और खूब मस्ती करेंगे।- सस्तिका

मैं भगवान से दुआ करूंगा कि हर जन्म में मुझे यहीं मां मिले। उन्होंने मेरी हर खुशी का ख्याल रखा है। मैं और भाई मां के लिए सरप्राइज पार्टी रखेंगे। उनके लिए ये दिन खास बनाएंगे।- हितेश
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स्पेशल ग्रिटिंग से लेकर खास केक तक 

- फोटो : अमर उजाला
मदर्स डे को लेकर मार्केट में स्पेशल ग्रिटिंग कार्ड आए हुए हैं। जिन्हें खोलते ही, ‘मैं तुझे बतलाता नहीं पर अंधेरे से डरता हूं मैं मां’ जैसे गीतों की आवाज सुनाई देती है। लोग इनकों खूब पसंद कर रहे हैं। इनकी कीमत 400 रुपये से शुरू है। इसके अलावा कार्ड में कार्ड की फोटो लगाकर भी गिफ्ट दे सकते हैं। वहीं, कुछ लोग कप पर मां और अपनी फोटो लगाकर गिफ्ट दे रहे हैं। मदर्स डे पर लोगों ने स्पेशल केक की बुकिंग कराई है। जिस पर मां लिखा हुआ है। बेहद खूबसूरत ढंग से के क को सजाया गया है। 

मदर्स डे पर तोहफा
वन टच रिस्पांस की तरफ से मदर्स डे पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए शहर के तीन मेट्रो स्टेशन पर कार्यकर्ता रहेंगे। ये ध्यान रखेंगे कि महिलाओं के साथ किसी प्रकार की कोई बदतमीजी न हो। शाम 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक वॉलिटियर्स मेट्रो स्टेशन के आसपास रहेंगे। सेक्टर- 18, सेक्टर- 16 और सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर वॉलिटियर्स तैनात रहेंगे। 10 मई तक महिलाओं को इसकी सुविधा दी जाएगी।

सैकड़ों बच्चों का भविष्य संवार चुकी हैँ अंजिना और नूतन 
 सेक्टर- 12 में साईं बाल कुटीर संचालिका अंजिना राज गोपाल भी अनाथ बच्चों को पढ़ा रही हैं। अब तक सैकड़ों बच्चों का भविष्य संवार चुकी है। बच्चों के भविष्य संवारने के लिए इन्होंने शादी तक नहीं की। यहां रहने वाले सभी बच्चे उनके मां कहकर बुलाते हैं। सेक्टर-25 जलवायु विहार में रहने वाली नूतन चतुर्वेदी भी बच्चोें को पढ़ाकर उनका भविष्य उज्जवल बना रही हैं। कई बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रही हैं। उनका पूरा खर्चा उठा रही हैं।
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