पेशे से डॉक्टर और म्यूजिक के शौकीन डॉ. अरुण कांत
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कोई अपने पैसे में सकून ढूढ़ता है तो कोई अपने शौक से, लेकिन जब पेशा और शौक दोनों ही खुद को और दूसरों को सकून पहुंचाने वाला हो तो सोने पर सुहागे जैसी बात होती है। हम बात कर रहे है डॉ. अरुण कांत की, जो पेशे से डॉक्टर होने के साथ साथ म्यूजिक से भी काफी लंबे असरे से जुड़े हुए हैं। अरुण कांत सेक्टर 38 वेस्ट में क्लीनिक चलाते है। लोगों को तनावमुक्त और रोगमुक्त होने की दवाएं देते हैं।
डॉक्टर होने के नाते वह स्वंय तो फिट हैं ही, खुद को तरोताजा बनाए रखने के लिए संगीत का भी सहारा लेते हैं। अरुण कांत ट्राइसिटी और इससे आस पास होने वाले गीत संगीत कार्यक्रमों में म्यूजिक देने वाले आर्टिस्ट का रोल निभाते हैं। वह भारतीय संगीत के लेजेंड्स रह चुके ओपी नैयर, कल्याण जी आंनद जी, लक्ष्मीकांत प्यारे लाल रवि जी के समक्ष होने वाले कार्यक्रमों में अपने म्यूजिक दे चुके हैं।
संगीत पहले हॉबी था अब जनून बना चुका हैं
डॉ. अरुण कांत ने बताया बपचन में कभी सोचा नही था कि पेशे से डॉक्टर बनना है या फिर म्यूजिक से जुड़ना हैं। जब छोटे थे तो म्यूजिक का शौक था। 11 वर्ष के हुए तो दो बार ऑल इंडिया क्लासिक वोकल म्यूजिक में गोल्ड मेडल जीता। यह मेडल खुद पंडित जसराज ने उन्हें दिया। कांत ने बताया कि पिछले बीस सालों से वह अपने भाई रमन कांत के साथ कार्यक्रमों मे म्यूजिक देते रहे हें। लेकिन आठ साल पहले रमन कांत विदेश चले गए। इसके बाद अकेले ही संगीत को आगे बढ़ाने में लगे हैं। कांत ने कहा कि बचपन मे संगीत मेरी हॉबी था, लेकिन अब यह मेरा जनून बन चुका है।
सुरीला सफर दिल से दिल तक
टैगोर में 28 मई को सुरीला सफर दिल से दिल तक का आयोजन किया जा रहा हैं। इस कार्यक्रम में सभी गीत दिल पर आधारित होंगे। गानों पर अरुण कांत म्यूजिक देंगे। कार्यक्रम की खास बात यह होगी कि इनमें कई ऑफिसर्स और पेशे से डॉक्टर भी मंच पर खुद गाएंगे। वहीं कार्यक्रम के आरंभ से पहले दिल को दुरूस्त रखने के टिप्स दिए जाएंगे। साथ ही अपने आप को कैसे स्वस्थ रखे यह भी बताया जाएगा। इसके लिए बकायदा कार्डियोलॉजिस्ट एक्सपर्ट मंच पर तमाम जानकारियां देंगे।