अंजलि द वाइस ऑफ इंडिया में अपनी आवाज का जादू बिखेरेगी।
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कहते हैं मन में कुछ कर गुजरने की चाह हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती। यही कर दिखाया रावमापा बरमाणा में 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली 12 साल की छात्रा अंजलि ने। अंजली 11 मई से एनडीटीवी पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम द वाइस ऑफ इंडिया में अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगी। इसके लिए वे मुंबई रवाना हो गई हैं। बेटी की इस सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
अंजलि का परिवार छोटे से गांव ध्वाल में रहता है। अंजली के पिता आरसी बंसल मंडी में जिला वेलफेयर अफसर हैं और मां एक गृहिणी हैं। पिता आरसी बंसल ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने कभी भी लोगों की तर्ज पर अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने का प्रयास नहीं किया क्योंकि वे जानते हैं कि अगर बच्चों में प्रतिभा और पढ़ने की लगन हो तो मुकाम किसी भी पाठशाला में पढ़कर हासिल किया जा सकता है।
रावमापा बरमाणा में शिक्षा ग्रहण कर रही अंजलि ने अपनी आवाज के हुनर से मायानगरी मुंबई में अपना कदम रखा है। इसके लिए पिता ने स्कूल प्रबंधन का आभार प्रकट किया कि उन्होंने बेटी को इस लायक बनाया। वे कहते हैं कि अंजलि संगीत के क्षेत्र में ही अपना एक अलग मुकाम बनाएगी। अंजली का भाई आदित्य भी इससे पहले इंडियन आइडल में भाग लेकर अपना नाम रोशन कर चुका है।
उन्होंने कहा कि एनडीटीवी वाइस में ऑडिशन दिया था, जिसमें चयनित होकर वे एनडीटीवी की द वाइस ऑफ इंडिया की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए मायानगरी पहुंच गयी है। दूसरी ओर रावमापा बरमाणा के प्रधानाचार्य और स्कूल प्रबंधन में अंजली की इस कामयाबी को लेकर खुशी का माहौल है । प्रधानाचार्य कुलदीप डोगरा ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा कूल गर्व महसूस कर रहा है कि अंजली उनकी विद्यार्थी है।
चंडीगढ़ में हुआ ऑडिशन- प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए नार्थ इंडिया के प्रतिभागियों के लिए चंडीगढ़ में ऑडिशन का आयोजन किया गया था। जहां नार्थ इंडिया के सैकड़ों बच्चों ने भाग लिया। ऑडिशन 14 अप्रैल को हुआ था।
पिता खुद सिखाते हैं संगीत- अंजलि का कहना है कि पिता खुद उन्हें संगीत सिखाते हैं। आजकल वे पिता से क्लासिकल संगीत की शिक्षा ले रही थी। कहती है कि इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए पिता से ही प्रेरणा मिली और पिता ही उनके गुरु हैं।