आठ लाख ग्राहकों का डेटा हुआ लीक
- अध्ययन से जुड़ी शोधकर्ता सृजिता बसु के अनुसार, इन प्रणालियों में व्यक्ति के रहने की जगह, यात्रा के स्थान और समय की जानकारी हो सकती है। खतरा केवल कार के नियंत्रण में हस्तक्षेप का नहीं, बल्कि निजी जिंदगी का ब्योरा हासिल करने का भी है। रिपोर्ट में वर्ष 2024 में सामने आए फॉक्सवैगन के डेटा लीक का उल्लेख है।
- इसमें करीब आठ लाख ग्राहकों की लोकेशन और संपर्क संबंधी जानकारी उजागर हुई थी। एक बाहरी सेवा प्रदाता के असुरक्षित क्लाउड लॉगिन विवरण के कारण डेटा तक पहुंच संभव हुई। यह घटना बताती है कि कार निर्माता से जुड़ी किसी तीसरी कंपनी की सुरक्षा चूक भी ग्राहकों की निजता को खतरे में डाल सकती है।
इंफोटेनमेंट सिस्टम भी जोखिम भरा
- खास बात यह है कि कार का इंफोटेनमेंट सिस्टम भी जोखिम से अछूता नहीं है। वर्ष 2015 में साइबर सुरक्षा शोधकर्ता चार्ली मिलर और क्रिस वैलासेक ने जीप चेरोकी के इंफोटेनमेंट सिस्टम के जरिए दूर से स्टीयरिंग और ब्रेक पर नियंत्रण हासिल करने की संभावना प्रदर्शित की थी।
- अध्ययन में वर्ष 2022 की स्कोडा सुपर्ब के इंफोटेनमेंट सिस्टम की ऐसी खामी भी मिली, जिससे कुछ परिस्थितियों में वाई-फाई के जरिये सिस्टम ठप हो सकता था।