फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

EV: 'मैंने उनसे मरम्मत की गुहार लगाई थी', कंपनी ने मुफ्त रिपेयर से किया इनकार, महिला ने ई-रिक्शा में लगाई आग

Sat, 07 Feb 2026 07:46 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कंपनी संचालक द्वारा ई-रिक्शा की बैटरी बदलने से इंकार करने पर, नाराज महिला ने ई-रिक्शा में पेट्रोल डालकर लगा दी आग। महिला का आरोप है कि बैटरी में बार-बार खराबी आ रही थी। बैटरी बदली नहीं जा रही थी इसलिए लगाई आग।
विज्ञापन
ई-रिक्शा में आग
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कई कम आय वाले परिवारों के लिए छोटा व्यवसाय शुरू करना स्थायी आय सुनिश्चित करने और रोजमर्रा की माली तंगी से बाहर निकलने का एक रास्ता माना जाता है। लेकिन जब ऐसी कोशिशें नाकाम हो जाती हैं, तो इसका असर बेहद गंभीर हो सकता है। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के शिवपुरी में सार्वजनिक रूप से सामने आया। जहां मरम्मत को लेकर हुआ विवाद एक व्यस्त बाजार इलाके में नाटकीय घटना में बदल गया।
विज्ञापन


कहां हुई घटना
शिवपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने ई-रिक्शा में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। यह घटना शहर में मां पीतांबरा ऑटोमोबाइल्स एजेंसी के सामने हुई है। यह एजेंसी ई-रिक्शा बेचने का काम करती है। शहर में पीएस होटल के नजदीक इस एजेंसी का शोरूम है।

यहां पर महिला शुक्रवार को पहुंची और ई-रिक्शा में आग लगा दी। इससे पहले महिला ने एजेंसी संचालकों से ई-रिक्शा में बैटरी की खराबी समेत अन्य समस्याओं की शिकायत की। लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद नाराज महिला ने ई-रिक्शा में पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
विज्ञापन


 

महिला का आरोप- लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रही थी
रिपोर्ट के मुताबिक, फक्कड़ कॉलोनी की रहने वाली गुड़िया माहौर ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। वह और उनके पति नारायण माहौर मजदूरी करते थे। उन्होंने करीब छह महीने पहले 2 लाख 30 हजार रुपये में एक ई-रिक्शा खरीदा था, जिसे फाइनेंस कराया गया था। इस ई-रिक्शा को लेने का उद्देश्य बच्चों की परवरिश के साथ कुछ अतिरिक्त पैसे कमाना था और रोजाना की मजदूरी से छुटकारा पाना था। 

उन्होंने बताया कि गाड़ी घर पर ही खड़ी रही क्योंकि उसे काम के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सका। इस दौरान, परिवार को गुजारा करने के लिए मजदूरी का काम फिर से शुरू करना पड़ा। जबकि ई-रिक्शा की लोन की किस्तें वित्तीय दबाव बढ़ाती रहीं।

गुड़िया के अनुसार, ई-रिक्शा खरीदने के बाद दो महीने भी ठीक से नहीं चला। पिछले चार महीनों से वह लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रही थीं। लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। 

एजेंसी के सामने अपने ई-रिक्शा में लगाया आग
महिला ने आरोप लगाया कि एजेंसी ने ई-रिक्शा की मरम्मत से साफ इनकार कर दिया। इसी से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया और एजेंसी के सामने अपने ई-रिक्शा में आग लगा दी। गुड़िया माहौर ने मांग की है कि एजेंसी या तो उनके ई-रिक्शा को पूरी तरह ठीक करे, या उन्हें नया ई-रिक्शा उपलब्ध कराए। यदि ऐसा संभव न हो तो अब तक जमा की गई पूरी रकम वापस दिलाई जाए।

 
विज्ञापन

पुलिस थाने पहुंचा मामला, मैनेजर ने दी सफाई
इस घटनाक्रम के बाद महिला ने पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं, एजेंसी के मैनेजर शुभम शर्मा ने इस मामले पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा की बैटरी फट चुकी है, जिसे बदला नहीं जा सकता। मैनेजर के अनुसार, महिला को नई बैटरी डलवाने के लिए कहा गया था, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हैं। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें