प्रदर्शन में किन संगठनों ने हिस्सा लिया?
यह प्रदर्शन राष्ट्रीय चालक संयुक्त मोर्चा समिति और ऑल दिल्ली ऑटो टैक्सी कांग्रेस यूनियन के बैनर तले किया गया। अलग-अलग टैक्सी यूनियनों से जुड़े ड्राइवरों ने एकजुट होकर अपनी मांगें सामने रखीं।
ड्राइवरों की मुख्य मांगें क्या हैं?
ड्राइवर यूनियनों ने केंद्र सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:
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ड्राइवरों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय चालक आयोग का गठन
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पूरे देश में निजी बाइक टैक्सी पर तत्काल प्रतिबंध
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एप-बेस्ड प्लेटफॉर्म पर लागू सर्ज प्राइसिंग की समीक्षा
यूनियन नेताओं का कहना है कि सर्ज प्राइसिंग का फायदा ड्राइवरों को नहीं मिलता। लेकिन आम लोगों को लगता है कि ड्राइवर ज्यादा कमाई कर रहे हैं।
बाइक टैक्सी पर प्रतिबंध की मांग क्यों उठी?
ड्राइवरों का आरोप है कि निजी वाहनों को टैक्सी के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे लाइसेंस प्राप्त टैक्सी और ऑटो चालकों की रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है।
उनका कहना है कि बाइक टैक्सी और निजी कारों के जरिए टैक्सी सेवा देना नियमों के खिलाफ है और इससे असमान प्रतिस्पर्धा पैदा हो रही है।
अब निगाहें सरकार पर
दिल्ली में टैक्सी चालकों का यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि परिवहन सेक्टर में तेजी से बदलती तकनीक और नीतियों के बीच ड्राइवर खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अब निगाहें सरकार पर टिकी हैं कि वह नियमन, रोजगार सुरक्षा और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को लेकर क्या फैसला करती है।