आजकल की कारों में कई एडवांस फीचर्स आने लगे हैं। कार का AC आपको गर्मी से तो राहत दिला देता है, लेकिन सीटों में लगे मोटे गद्दे से आपके पीठ और पैरो में पसीना आने लगता है। लंबी दूरी के सफर में पैरों से आने वाला पसीना आपको काफी परेशान कर सकता है।
इसी समस्या को दूर करने के लिए आजकल की कारें वेंटिलेटेड सीट्स (Ventilated Seats) के साथ आ रही है। ये ऐसी कार सीटें होती हैं जिनमें सीट के अंदर छोटे-छोटे फैन या एयर चैनल लगे होते हैं, जो सीट से लगातार हवा को बाहर निकालते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य गर्मी या उमस में बैठे व्यक्ति को ठंडक और आराम देना होता है।
कैसे काम करते हैं Ventilated Seats?
सीट के अंदर छोटे पंखे लगे होते हैं जो सीट के छेदों से हवा बाहर निकालते हैं। ये पंखे नीचे से हवा खींचते हैं और सीट की सतह पर फैलाते हैं, जिससे पसीना सूखता है और ठंडक मिलती है।
कुछ कारों में यह सुविधा केवल फ्रंट सीट्स में होती है, लेकिन लग्जरी कारों में रियर सीट्स में भी मिलती है।
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वेंटिलेटेड सीट और कूल्ड सीट में फर्क
वेंटिलेटेड सीट में फैन सिर्फ हवा को फेंकता है और कूल नहीं करता, जबकि कूल्ड सीट में कूलिंग यूनिट भी लगा होता है जो हवा को लगातार ठंडा करता रहता है। इससे शरीर को ज्यादा ठंडक मिलती है।
वेंटिलेटेड सीट के फायदे
- वेंटिलेटेड सीट से वजह से गर्मियों में लम्बी ड्राइव भी आरामदायक बन जाती है।
- सीट पर पसीना नहीं जमता जिससे आपको आराम मिलता है और आप ध्यान लगाकर ड्राइविंग करते हैं।
- यह कार में बैठने वालों को लग्जरी और प्रीमियम फीलिंग देता है।
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किन कारों में मिलती है यह सुविधा?
Ventilated Seats अब कई मिड-साइज SUV और सेडान में भी मिलने लगी हैं। Hyundai Verna, Kia Seltos, Tata Nexon , Mahindra XUV700 और MG Hector के कुछ वेरिएंट्स वेंटिलेटेड सीटों के साथ आते हैं।