हाइब्रिड कार में सबसे पहले माइल्ड का विकल्प आता है। माइल्ड हाइब्रिड कार में फ्यूल इंजन के साथ-साथ एक इलेक्ट्रिक मोटर होती है। हालांकि, इसमें मिलने वाली इलेक्ट्रिक मोटर की ताकत काफी कम होती है, मतलब इसमें दी गई बैटरी छोटी होती है, ऐसे में इस कार को इलेक्ट्रिक कार की तरह नहीं चलाया जा सकता है। मगर यह कार फ्यूल और इलेक्ट्रिक मोटर की वजह थोड़ी से बेहतर रेंज देने में सक्षम होती है। इस कार में मिलने वाली इलेक्ट्रिक मोटर का मुख्य काम फ्यूल इंजन की मदद करना होता है, यानी अगर कभी फ्यूल इंजन में कोई खराबी आ जाए तो इलेक्ट्रिक मोटर कुछ समय के लिए कार को चला लेती है। मगर इसमें दी गई इलेक्ट्रिक मोटर से कार की माइलेज में कोई इजाफा नहीं होता है। हालांकि, कार की पिकअप की क्षमता बढ़ जाती है।
स्ट्रांग हाइब्रिड कार में मिलने वाली इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी की क्षमता अच्छी होती है। इस वजह से यह कार इलेक्ट्रिक कार के मुकाबले ज्यादा रेंज देने में सक्षम होती है। स्ट्रांग हाइब्रिड कार में फ्यूल इंजन के साथ ताकतवर इलेक्ट्रिक मोटर आती है, ऐसे में इसकी माइलेज भी ज्यादा होती है। इसके साथ ही यह गाड़ियां फ्यूल की कम खपत करती हैं, जिस वजह से प्रदूषण भी कम होता है। हालांकि, स्ट्रांग हाइब्रिड कार में इस्तेमाल होने वाली बैटरी की कीमत काफी ज्यादा होती है, इस वजह से इन कारों का दाम बहुत अधिक होता है।