तो डीजल का भविष्य क्या है?
डीजल तुरंत गायब नहीं होगा, लेकिन उसकी भूमिका धीरे-धीरे सिमटती जाएगी। जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बढ़ेगी और स्वच्छ तकनीकें परिपक्व होंगी, डीजल की खपत क्रमशः घटेगी।
आम वाहन खरीदारों के लिए इसका मतलब है कि बदलाव अचानक थोपा नहीं जाएगा। उद्योग के लिए यह संकेत है कि इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म, चार्जिंग नेटवर्क और नई ऊर्जा तकनीकों में निवेश का समय आ गया है। नीति आयोग के मुताबिक, भारत का नेट जीरो सफर किसी एक झटके में नहीं, बल्कि सोच-समझकर की गई योजना, नवाचार और विकास-सततता के संतुलन से तय होगा।