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Vehicle: कार या बाइक खरीदने से पहले समझें एक्स-शोरूम और ऑन-रोड कीमत का अंतर, क्यों देने पड़ते हैं ज्यादा पैसे?

Tue, 10 Feb 2026 10:15 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आप नई कार या बाइक खरीदते समय किसी भी ब्रांड की वेबसाइट देखेंगे तो पाएंगे कि उस पर एक्स-शोरूम कीमत और ऑन-रोड कीमत लिखी होती है। लोगों को ये शब्द काफी कन्फ्यूजिंग लगते हैं। जानें इसके क्या हैं मायने।
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कार शोरूम - फोटो : AI
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विस्तार
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नई कार या बाइक खरीदते समय अक्सर कंपनी की वेबसाइट या ब्रोशर में दो अलग-अलग कीमतें दिखती हैं, एक एक्स-शोरूम और दूसरी ऑन-रोड। कई खरीदारों के लिए ये शब्द भ्रम पैदा करते हैं। सरल शब्दों में, एक्स-शोरूम कीमत वाहन की बेस कीमत होती है।
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जबकि ऑन-रोड कीमत वह कुल राशि है जो आपको वाहन को कानूनी रूप से सड़क पर चलाने के लिए चुकानी पड़ती है। इसी कारण ऑन-रोड कीमत हमेशा ज्यादा होती है। सही बजट बनाने के लिए दोनों के बीच का अंतर समझना जरूरी है।

एक्स-शोरूम कीमत क्या होती है?
एक्स-शोरूम कीमत वाहन की मूल लागत होती है, जिसे निर्माता और डीलर तय करते हैं। इसमें फैक्ट्री की बेस कीमत, जीएसटी और डीलर का मार्जिन शामिल होता है।
यह वही कीमत है जो विज्ञापनों और ब्रोशर में दिखाई जाती है, यानी शोरूम में खड़े वाहन का टैग प्राइस।

ध्यान रखने वाली बात यह है कि इस कीमत में सरकारी शुल्क, रजिस्ट्रेशन से जुड़े खर्च या अन्य कानूनी औपचारिकताएं शामिल नहीं होतीं। यानी इस रकम का भुगतान करने के बाद भी वाहन को सीधे सड़क पर नहीं चलाया जा सकता। 

ऑन-रोड कीमत में क्या-क्या शामिल होता है?
ऑन-रोड कीमत वह कुल राशि है जो आपको वाहन को घर ले जाने और सड़क पर कानूनी रूप से चलाने के लिए देनी पड़ती है। इसमें एक्स-शोरूम कीमत के साथ कई अनिवार्य शुल्क जुड़ते हैं, जैसे-
  • रजिस्ट्रेशन फीस
  • रोड टैक्स
  • मोटर इंश्योरेंस
  • फास्टैग शुल्क
  • डीलर हैंडलिंग चार्ज

इसके अलावा, राज्य के अनुसार रोड टैक्स और अन्य शुल्क अलग-अलग हो सकते हैं, जिससे अंतिम कीमत में बड़ा फर्क पड़ता है। अगर आप एक्सेसरीज़, एक्सटेंडेड वारंटी या अन्य वैकल्पिक सुविधाएं जोड़ते हैं, तो ऑन-रोड कीमत और बढ़ सकती है। 

ऑन-रोड कीमत हमेशा ज्यादा क्यों होती है?
ऑन-रोड कीमत ज्यादा इसलिए होती है क्योंकि एक्स-शोरूम राशि केवल वाहन की खरीद का शुरुआती लेन-देन दर्शाती है।
वाहन को कानूनी रूप से सड़क पर चलाने के लिए रजिस्ट्रेशन, रोड टैक्स और इंश्योरेंस अनिवार्य होते हैं, जिन्हें राज्य परिवहन प्राधिकरण निर्धारित करते हैं।

इसलिए भले ही एक्स-शोरूम कीमत कम दिखाई दे, लेकिन डीलरशिप पर आपको जो अंतिम भुगतान करना होता है, वह ऑन-रोड कीमत ही होती है। 
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आपके बजट पर इसका क्या असर पड़ता है?
एक्स-शोरूम और ऑन-रोड कीमत के बीच का अंतर समझना खरीदारी की सही योजना बनाने में मदद करता है। कंपनियां अक्सर कम दिखने के कारण एक्स-शोरूम कीमत को प्रचारित करती हैं। लेकिन खरीदारों को हमेशा ऑन-रोड कोटेशन जरूर लेना चाहिए।

ऐसा करने से आखिरी समय में बजट का झटका नहीं लगता और आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग में सभी जरूरी खर्च पहले से शामिल हो जाते हैं। 

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