फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Colour-Coded Sticker: क्यों जरूरी है कलर-कोडेड फ्यूल स्टीकर? जानें कैसे बनवाएं ऑनलाइन

Thu, 24 Apr 2025 08:10 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आप दिल्ली में गाड़ी चलाते हैं और आपकी गाड़ी की विंडशील्ड पर कलर-कोडेड फ्यूल स्टीकर नहीं लगा है, तो अब आपको जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि यह स्टिकर अब हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के तहत अनिवार्य कर दिया गया है।
विज्ञापन
Delhi Traffic Police - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अगर आप दिल्ली में गाड़ी चलाते हैं और आपकी गाड़ी की विंडशील्ड पर कलर-कोडेड फ्यूल स्टीकर नहीं लगा है, तो अब आपको जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि यह स्टिकर अब हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के तहत अनिवार्य कर दिया गया है। जो वाहन मालिक इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उन्हें मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माना और यहां तक कि प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी) सर्टिफिकेट से भी वंचित रहना पड़ सकता है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Delhi EV Policy 2.0: दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 में हाइब्रिड वाहनों को भी मिलेंगी ईवी जैसी छूट! जानें डिटेल्स

कलर-कोडेड फ्यूल स्टीकर क्या होता है?
ये स्टीकर 2012-13 में एचएसआरपी व्यवस्था के तहत शुरू किए गए थे। इन स्टिकर्स में एक होलोग्राम होता है और ये खास तरह से बनाए गए हैं ताकि इन्हें हटाया न जा सके। अगर कोई हटाने की कोशिश करे तो ये खुद ही खराब हो जाते हैं।

हर स्टिकर का एक अलग रंग होता है, जो गाड़ी में इस्तेमाल होने वाले फ्यूल को दर्शाता है:
  • हल्का नीला - पेट्रोल और सीएनजी गाड़ियों के लिए
  • नारंगी - डीजल गाड़ियों के लिए
  • ग्रे - इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड जैसे अन्य फ्यूल पर चलने वाली गाड़ियों के लिए

यह भी पढ़ें - Toll Tax: ANPR टोल कलेक्शन सिस्टम वाला पहला हाईवे होगा एनसीआर का यह एक्सप्रेसवे, टोल प्लाजा पर बिना रुके अपने आप कटेगा टोल

Delhi Traffic - फोटो : PTI
ये स्टिकर क्यों जरूरी हैं?
इन स्टिकर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये ट्रैफिक पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों को ये जल्दी पहचानने में मदद करते हैं कि गाड़ी किस तरह का ईंधन इस्तेमाल करती है। खासकर जब दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, तब डीजल गाड़ियों पर कुछ समय के लिए रोक लगाई जाती है। ऐसे में ये स्टीकर बड़ी मदद करते हैं।

इसके अलावा ये स्टिकर वाहन प्रदूषण नियंत्रण नियमों को लागू करने में तेजी लाते हैं और शहर में प्रदूषण पर लगाम लगाने की बड़ी योजना का हिस्सा हैं।

यह भी पढ़ें - Tesla Cybertruck: मॉडल वाई के बाद, टेस्ला साइबरट्रक भारत में देखा गया, जानें पूरी डिटेल्स

अगर नहीं लगवाया तो क्या होगा?
अप्रैल 2019 से ये स्टिकर हर नई गाड़ी के लिए अनिवार्य कर दिए गए थे, और बाद में पुराने वाहनों पर भी ये लागू किया गया। अगर किसी वाहन पर ये स्टिकर नहीं लगा है, तो मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 192(1) के तहत कार्रवाई हो सकती है।

2020 में दिल्ली सरकार ने एक विशेष अभियान चलाकर बिना एचएसआरपी और स्टिकर वाली गाड़ियों पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया था। अब दोबारा सरकार ने साफ कर दिया है कि पीयूसी सर्टिफिकेट भी बिना स्टिकर के जारी नहीं किया जाएगा। 

यह भी पढ़ें - 2025 MG Hector: भारत में लॉन्च हुई 2025 एमजी हेक्टर, अब चलेगी E20 पेट्रोल पर, जानें कीमत और फीचर्स
 

Delhi Traffic - फोटो : PTI
ऑनलाइन कलर-कोडेड स्टिकर कैसे बनवाएं?
  1. दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जाएं।
  2. वहां से अधिकृत डीलरों की लिस्ट देखें।
  3. अपने नजदीकी डीलर को चुनें और अपॉइंटमेंट बुकिंग लिंक पर क्लिक करें।
  4. अपने वाहन का प्रकार चुनें - निजी (सफेद प्लेट) या व्यावसायिक (पीली प्लेट)।
  5. वाहन मॉडल और राज्य की जानकारी भरें।
  6. डीलर का स्थान चुनें और अपनी निजी व वाहन से जुड़ी जानकारी भरें।
  7. ओटीपी के जरिए मोबाइल नंबर को वेरीफाई करें।
  8. अपॉइंटमेंट की तारीख और समय चुनें।
  9. ऑनलाइन भुगतान करें और एसएमएस या ईमेल के जरिए पुष्टि प्राप्त करें।

यह भी पढ़ें - EV: इस राज्य ने मार्च 2026 तक ईवी रोड टैक्स को घटाकर किया सिर्फ एक प्रतिशत, जानें डिटेल्स
विज्ञापन

स्वच्छ हवा की ओर एक कदम
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि ये स्टिकर भले ही एक छोटा सा कदम लगें, लेकिन ये वायु प्रदूषण के खिलाफ बड़ी लड़ाई का हिस्सा हैं। इनसे न सिर्फ हाई-एमिशन गाड़ियों पर नजर रखी जाती है, बल्कि ये पर्यावरण नियमों को सख्ती से लागू करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

इसलिए दिल्ली के सभी वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे जल्दी से जल्दी यह स्टिकर लगवाएं। ना सिर्फ जुर्माने से बचने के लिए, बल्कि शहर की हवा को साफ़ और सेहतमंद बनाने में सहयोग करने के लिए भी। 

यह भी पढ़ें - EV Battery: CATL ने पेश की नई ईवी बैटरी टेक्नोलॉजी, 5 मिनट में 520 किमी की रेंज और 1500 किमी की रेंज वाली बैटरी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें