किसी भी वाहन में अगर ब्रेक असिस्ट सिस्टम है तो इससे गाड़ी की ब्रेकिंग क्षमता में इजाफा हो जाता है। इसके साथ ही इस सुविधा के होने से सफर काफी हद तक सुरक्षित हो जाता है, क्योंकि यह सिस्टम किसी भी इनरजेंसी में काम करता है। इस सुविधा की वजह से वाहन को अचानक से रोक सकते हैं, जिस वजह से कई बड़े हादसों को टाला जा सकता है।
ब्रेक असिस्ट सिस्टम को अप्लाई करते ही यह वाहन के पहियों को रोकने का काम शुरू कर देता है। इसके साथ ही यह सिस्टम यह भी निर्धारित करता है कि इस दौरान वाहन का संतुलन सही रहें, गाड़ी पलटे नहीं और किसी अन्य वाहन से भी न टकराएं। इस तरह से यह वाहन की सुरक्षा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।
वाहन कंपनियां कारों में एंटी लॉक ब्रेक सिस्टम यानी एबीएस तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। एबीएस फीचर के बिना वाहन चलाना आज के समय में बेहद ही मुश्किल काम हो गया है। एबीएस का इस्तेमाल बीते पांच सालों के दौरान काफी तेजी से बढ़ा है, ऐसे में यह सुविधा अब हर कार की सुरक्षा के लिए जरूरी बन चुकी है। हालांकि, ब्रेक असिस्ट सिस्टम और एबीएस दोनों काफी अलग-अलग है।
आपको जानकारी के लिए बता दें कि ब्रेक असिस्ट सिस्टम एबीएस का एडवांस वर्जन है, मतलब ब्रेक असिस्ट सिस्टम एबीएस से ज्यादा बेहतर और कुशल है। ब्रेक असिस्ट सिस्टम को अधिकतर उन वाहनों में इस्तेमाल किया जाता है, जिन वाहनों में एबीएस का इस्तेमाल स्टैंडर्ड के स्तर पर होता है। ब्रेक असिस्ट सिस्टम एक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल होता है, जिसके जरिए बहुत ही कम समय में वाहन के ब्रेक लग जाते हैं।
ब्रेक असिस्ट सिस्टम जब अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करता है, जब वाहन चालक अचानक से गाड़ी में ब्रेक लगाता है। इस स्थिति में यह सिस्टम वाहन के पहियों को जल्दी से रोकने का काम करता है। वहीं, अगर वाहन की गति सामान्य है और बार-बार ब्रेक का इस्तेमाल हो रहा है तो यह सिस्टम काम नहीं करता है।