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फॉक्सवैगन की कारों में खामी: कंपनी ने लाखों गाड़ियां की रिकॉल, क्या स्टीयरिंग की खराबी से खतरे में आपका वाहन?

Sat, 26 Sep 2026 05:59 PM IST
जागृति शुक्ला ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आपकी कार फॉक्सवैगन, ऑडी, स्कोडा या सीट की है, तो यह जानकारी आपके काम की हो सकती है। फॉक्सवैगन ग्रुप ने स्टीयरिंग सिस्टम में जंग लगने के खतरे को देखते हुए अपने चार प्रमुख ब्रांड्स की करीब 40 लाख गाड़ियों को रिकॉल किया है। आखिर क्या है यह समस्या और क्या आपकी कार भी इस रिकॉल में शामिल है? आइए जानते हैं इस रिकॉल से जुड़ी पूरी जानकारी।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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फॉक्सवैगन ने करीब 40 लाख गाड़ियों को रिकॉल करने की तैयारी की है। हैंडल्सब्लैट ने शुक्रवार को यह रिपोर्ट दी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई डीजलगेट स्कैंडल के बाद फॉक्सवैगन की सबसे बड़ी रिकॉल कार्रवाइयों में से एक होगी। इस रिकॉल में फॉक्सवैगन ग्रुप के चार ब्रांड्स की गाड़ियां शामिल होंगी। इनमें वोक्सवैगन, ऑडी, स्कोडा और सीट की कारें शामिल हैं।

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फॉक्सवैगन की 21.6 लाख और ऑडी की सात लाख गाड़ियां

  • जर्मनी की रोड ट्रैफिक अथॉरिटी केबीए के अनुसार, रिकॉल में करीब 21.6 लाख फॉक्सवैगन मॉडल शामिल हैं। इसके अलावा करीब 7 लाख ऑडी मॉडल भी इस कार्रवाई का हिस्सा हैं। रिपोर्ट के अनुसार फॉक्सवैगन ग्रुप के चेक ब्रांड स्कोडा की दस लाख से ज्यादा गाड़ियां भी रिकॉल की जाएंगी।
  • वहीं, ग्रुप के स्पेनिश ब्रांड सीट की करीब 2 लाख गाड़ियां इस रिकॉल में शामिल हैं। सीट ने इस संख्या की पुष्टि कर दी है, जबकि स्कोडा ने रिपोर्ट पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।


स्टीयरिंग सिस्टम के स्क्रू में जंग का खतरा
फॉक्सवैगन के अनुसार, रिकॉल की वजह गाड़ियों के स्टीयरिंग सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले एक स्क्रू में जंग लगने का खतरा है। अगर इस समस्या को ठीक नहीं किया जाता है, तो लंबे समय में स्टीयरिंग सिस्टम के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसी संभावित जोखिम को देखते हुए कंपनी ने ग्राहकों से अपनी गाड़ी की मरम्मत करवाने का अनुरोध किया है।

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कंपनी का क्या कहना है?

  • इस रिकॉल पर फॉक्सवैगन ने जोर देकर कहा है कि यह रिकॉल सावधानी के तौर पर किया जा रहा है। कंपनी के मुताबिक, प्रभावित गाड़ियों में स्टीयरिंग सिस्टम के संबंधित स्क्रू को बदलना होगा। इस काम में एक घंटे से ज्यादा समय नहीं लगेगा।
  • इसका मतलब है कि ग्राहकों को मरम्मत के लिए सर्विस सेंटर जाना होगा, जहां संबंधित हिस्से को जांचने और जरूरत पड़ने पर बदलने का काम किया जाएगा।
  • हालांकि यह रिकॉल इसलिए भी जरूरी माना जा रहा है क्योंकि रिपोर्ट के मुताबिक यह डीजलगेट स्कैंडल के बाद फॉक्सवैगन की सबसे बड़ी ऐसी कार्रवाई है। फॉक्सवैगन ग्रुप के चार प्रमुख ब्रांड्स की करीब 40 लाख गाड़ियों को इसमें शामिल किए जाने से रिकॉल का दायरा काफी बड़ा है। कंपनी ने इस रिकॉल पर आने वाली अनुमानित लागत के बारे में टिप्पणी करने से इंकार किया है।
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