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भारत NCAP 2.0: अक्तूबर 2027 से बदल जाएंगे कार सुरक्षा रेटिंग के नियम, जानें क्या होंगे पांच बड़े बदलाव?

Sat, 26 Sep 2026 02:31 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में कारों की सुरक्षा जांच का दायरा अब और व्यापक होने की दिशा में है। प्रस्तावित Bharat NCAP 2.0 दुर्घटना से पहले, दुर्घटना के दौरान और उसके बाद की पूरी सुरक्षा श्रृंखला को परखने की दिशा में बढ़ रहा है। जानें इस प्रस्तावित नई सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलेगा?
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Bharat NCAP 2.0 - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारत एनसीएपी (Bharat NCAP) भारत का अपना स्वतंत्र वाहन क्रैश-टेस्टिंग और सेफ्टी-रेटिंग प्रोग्राम है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा अगस्त 2023 में लॉन्च किए गए इस कार्यक्रम को 1 अक्तूबर 2023 से औपचारिक रूप से लागू किया गया था। यह 3.5 टन से कम वजन वाले M1 श्रेणी के पैसेंजर वाहनों पर लागू होता है और यह पूरी तरह से स्वैच्छिक है।
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वर्तमान में लागू 'चरण-1' ड्राफ्ट AIS-197 के तहत 30 सितंबर 2027 तक वैध। इसमें कारों को 1 से 5 स्टार रेटिंग देने के लिए मुख्य रूप से तीन मानकों पर परखा जाता है:
  1. एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (AOP): वयस्क यात्रियों की सुरक्षा।
  2. चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (COP): बच्चों की सुरक्षा और चाइल्ड सीट इंस्टॉलेशन।
  3. सेफ्टी असिस्ट टेक्नोलॉजीज (SAT): क्रैश रोकने में मदद करने वाले बेसिक फीचर्स।
मौजूदा टेस्ट में 64 किमी प्रति घंटा सामने से आंशिक टक्कर, 50 किमी प्रति घंटा साइड से टक्कर और पोल साइड इम्पैक्ट टेस्ट शामिल हैं।

 

अक्तूबर 2027 से लागू होने वाले Bharat NCAP 2.0 का क्या प्लान है?

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने SIAM के वार्षिक सम्मेलन में घोषणा की थी कि 1 अक्तू बर 2027 से Bharat NCAP 2.0 लागू किया जाएगा। नया ड्राफ्ट AIS-197 Revision 1 केवल यह नहीं देखेगा कि हादसा होने पर क्या होता है, बल्कि यह दुर्घटना से पहले, दुर्घटना के दौरान और दुर्घटना के बाद- यानी पूरी 'सेफ्टी चेन' का मूल्यांकन करेगा।
Bharat NCAP 2.0 को 100-पॉइंट असेसमेंट स्ट्रक्चर के तहत 5 मुख्य पिलर्स में बांटा गया है:
  • क्रैश प्रोटेक्शन (55% वेटेज): दुर्घटना के समय यात्रियों की सुरक्षा।
  • सेफ ड्राइविंग: सुरक्षित ड्राइविंग में वाहन का सहयोग।
  • क्रैश अवॉइडेंस: टक्कर या दुर्घटना को रोकने वाली तकनीकें।
  • असुरक्षित रोड यूजर प्रोटेक्शन: पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की सुरक्षा।
  • पोस्ट-क्रैश सेफ्टी: हादसे के तुरंत बाद यात्रियों को निकालने और आपातकालीन सुरक्षा उपाय।

 

Bharat NCAP 2.0 में कौन से 5 नए क्रैश टेस्ट अनिवार्य होंगे?

नए फ्रेमवर्क के तहत केवल 3 टेस्ट के बजाय अब 5 अनिवार्य क्रैश टेस्ट किए जाएंगे, जिससे सुरक्षा का स्तर अधिक व्यापक हो जाएगा:
  1. 64 kmph Offset Frontal Impact: डिफॉर्मेबल बैरियर के खिलाफ सामने से टक्कर।
  2. 50 kmph Full-Width Rigid Barrier Impact: ठोस दीवार से पूरी चौड़ाई में सीधी टक्कर।
  3. 50 kmph Lateral Impact: साइड से मूवेबल बैरियर की टक्कर।
  4. 32 kmph Oblique Side Impact: ठोस खंभे से तिरछी टक्कर।
  5. 50 kmph Rear Impact: पीछे से होने वाली टक्कर का परीक्षण।

 

हादसा टालने और उसके बाद की सुरक्षा पर क्यों जोर दिया जा रहा है?

Bharat NCAP 2.0 का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि यह केवल हादसे में बचने तक सीमित नहीं है:
  • क्रैश अवॉइडेंस और सुरक्षित ड्राइविंग: इसमें ADAS जैसी तकनीकों और कार की उन क्षमताओं का मूल्यांकन किया जाएगा जो टक्कर को होने ही न दें या उसकी तीव्रता को कम कर दें।
  • सड़क पर असुरक्षित उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा: कार के बंपर और बोनट के डिजाइन का मूल्यांकन इस आधार पर होगा कि उससे टकराने वाले पैदल यात्रियों या दोपहिया चालकों को कम से कम चोट लगे।
  • पोस्ट-क्रैश सेफ्टी: केंद्रीय मंत्री गडकरी के अनुसार, हादसे के बाद कार के दरवाजे अपने आप अनलॉक होना, फ्यूल सप्लाई कट-ऑफ होना, आपातकालीन सेवाओं को ऑटोमैटिक अलर्ट जाना और यात्रियों को बाहर निकालना भी अब स्टार रेटिंग का हिस्सा बनेगा।

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भारतीय कार खरीदारों के लिए Bharat NCAP 2.0 के क्या मायने हैं?

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में ग्राहकों के लिए कार खरीदते समय सुरक्षा अब एक प्राथमिकता बन चुकी है।
  • पारदर्शी और सटीक जानकारी: केवल एक ओवरऑल स्टार रेटिंग देखने के बजाय खरीदार यह जान सकेंगे कि कौन सी कार क्रैश रोकने, पैदल यात्रियों को बचाने और हादसे के बाद सुरक्षा देने में कितनी सक्षम है।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर की कारें: इस नीति से भारतीय कार निर्माता कंपनियां केवल घरेलू मानकों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि वैश्विक स्तर की सुरक्षित गाड़ियां बनाएंगी।

हालांकि, 5-स्टार रेटिंग का मतलब यह नहीं है कि वास्तविक दुनिया में हादसे के दौरान चोट का शून्य जोखिम होगा। 2022 में भारत में सड़क दुर्घटनाओं में 1.68 लाख से अधिक मौतें दर्ज की गईं, जिनमें ओवरस्पीडिंग, सीटबेल्ट न पहनना और गलत दिशा में गाड़ी चलाना मुख्य कारण थे। Bharat NCAP 2.0 वाहन की संरचनात्मक सुरक्षा को मजबूत करेगा, लेकिन सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना आखिरकार चालकों की जिम्मेदारी रहेगी।
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