फाडा की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2024 में सालाना आधार पर 27 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। इसमें दो पहिया वाहनों में 33 फीसदी, तीन पहिया में 9 फीसदी, कमर्शियल वाहन में 2 फीसदी, यात्री वाहनों में 16 फीसदी और ट्रैक्टरों में 1 फीसदी का इजाफा देखा गया है।
फाडा की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2024 में दो पहिया वाहनों की बिक्री 16,43,510 रही। तीन पहिया वाहनों की सेल 80,105, यात्री वाहनों की सेल 3,35,123, ट्रैक्टरों की बिक्री 56,625, कमर्शियल वाहनों की बिक्री 90,707 यूनिट्स रही। इस तरह से अप्रैल 2024 में वाहनों की कुल बिक्री 22,06,070 यूनिट्स रही। वहीं, मार्च 2024 में वाहनों की कुल बिक्री 21,27,177 यूनिट्स हुई थी।
बीते साल अप्रैल 2023 में वाहनों की कुल बिक्री 17,40,649 यूनिट्स रही थी। अप्रैल 2023 में दो पहिया वाहनों की बिक्री 12,33,763 यूनिट्स, तीन पहिया वाहनों की बिक्री 73,310 यूनिट्स, यात्री वाहनों की संख्या 2,89,056 यूनिट्स, ट्रैक्टरों की बिक्री 55,857 यूनिट्स, कमर्शियल वाहनों की बिक्री 88,663 यूनिट्स रही।
वहीं, दो पहिया वाहनों की बिक्री में 7.43 फीसदी, तीन पहिया वाहनों की बिक्री में महीने के आधार पर 23.87 फीसदी की कमी देखी गई है। यात्री वाहनों की महीने की बिक्री में 3.96 फीसदी का इजाफा देखा गया है। ट्रैक्टरों की महीने की बिक्री में 27.82 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। वहीं, कमर्शियल वाहनों की बिक्री महीने के आधार पर 0.64 फीसदी कम रही। हालांकि, वाहनों की कुल बिक्री में महीने के आधार पर 3.71 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं, सालाना आधार पर वाहनों की कुल बिक्री में 26.74% फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
फाडा ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि वाहनों की बिक्री पर कई तरह के मार्केट फैक्टर हावी रहे हैं। इस दौरान मार्केट का सेंटीमेंट काफी पॉजिटिव रहा। इसमें फ्यूल की कीमत पॉजिटिव रही। इसके साथ ही फेस्टिव सीजन और शादी के सीजन ने भी प्रभावित किया। इसके साथ ही नए मॉडल्स की लॉन्च और यात्री वाहनों की सप्लाई में देरी भी एक बड़ी वजह रही। इसके अलावा फाडा की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। अप्रैल 2024 में चुनावों का असर भी देखने को मिला। साथ ही सीमित आर्थिक विकल्पों और गर्मी की अधिकता ने भी वाहनों की बिक्री में चुनौतियां डाली।