भारत में पर्यावरण संरक्षण के मकसद से ऑटो इंडस्ट्री में री-साइकलिंग पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग के लिए कुछ साल पहले स्क्रैपिंग नीति लागू की है और अब सरकार इस ओर एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार की नई नीति के तहत अब वाहन कंपनियों को जल्द ही अपने नए वाहनों में इस्तेमाल होने वाले स्टील में री-साइकिल स्टील का भी इस्तेमाल करना होगा। हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में सामने आया है कि अप्रैल से कार निर्माताओं को 2005-06 में बेची गई कारों में इस्तेमाल किए गए स्टील का कम से कम 8 फीसदी हिस्सा री-साइकिल करना होगा. नए नियम को EPR मानदंड के तहत लागू किया जाएगा और धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 18 फीसदी तक किया जा सकता है।
कंपनियों को री-साइकिल करना होगा स्टील
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कंपनियों को री-साइकिल करना होगा स्टील
नए नियम के तहत पुराने वाहनों से स्क्रैप किया गया स्टील नए वाहनों को बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे एक ओर स्टील खनन से होने वाला प्रदूषण तो कम होगा ही, साथ ही नए स्टील की खरीद में लगने वाला खर्च भी कम होगा। कंपनियां उन गाड़ियों के स्टील का इस्तेमाल कर सकती हैं जिनकी उम्र पूरी हो गई हो या उनके मालिक द्वारा उन्हें स्क्रैप कर दिया हो।
इसेक लिए कंपनियों को या तो ऑथोराइज्ड स्क्रैपिंग डीलर्स से स्टील खरीदना होगा या खुद ही स्क्रैपिंग और री-सायकिल यूनिट खोलना होगा। पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराने के लिए कंपनियां बाय-बैक प्रोग्राम चला सकती हैं और साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के केंद्रीय पोर्टल पर इन सभी गतिविधियों को रजिस्टर करना होगा.
सीपीसीबी जारी करेगा सर्टिफिकेट
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सीपीसीबी जारी करेगा सर्टिफिकेट
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) स्क्रैप वाहनों से प्राप्त स्टील के वजन के आधार पर रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए EPR सर्टिफिकेट जारी करेगा. इसके बाद कार कंपनियां अपने री-साइक्लिंग प्रोसेस को पूरा करने के लिए इन प्रमाणपत्रों को खरीद सकती हैं.
नए नियम कार निर्माताओं को ही नहीं बल्कि वाहन मालिकों, थोक उपभोक्ताओं, रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी, कलेक्शन सेंटर और ऑटोमैटिक टेस्टिंग सेंटर सभी पर लागू होते हैं.
स्क्रैपिंग फैसिलिटी बढ़ाने पर जोर
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सरकार का स्क्रैपिंग फैसिलिटी बढ़ाने पर जोर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन प्रावधानों का वाहन रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग फैसिलिटी में वाहन स्क्रैपिंग को बढ़ावा देना है. गौर करने वाली बात यह है कि अभी भारत में 82 रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी हैं और सरकार का लक्ष्य अगले तीन महीनों में इस आंकड़े को 100 तक पहुंचना है. ज्यादातर राज्य अगले दो महीने में नए व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी सेटअप करने के लिए नीतियों की घोषणा कर सकते हैं.
आपको क्या होगा फायदा?
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आपको कैसे होगा फायदा?
अगर आपकी कार पुरानी हो गई का या उसकी उम्र पुरी हो गई है, जो कि मौजूदा समय में डीजल गाड़ियों के लिए 10 साल और पेट्रोल के लिए 15 साल है, तो आप अपनी कार को रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग फैसिलीटी में दे सकते हैं। यहां पर अपनी कार को स्क्रैप करवाने पर आपको एक सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। इस सर्टिफिकेट से आप नई कार की खरीद पर डिस्काउंट पा सकते हैं।