नया एकमुश्त टैक्स सिस्टम
नए नियम के तहत, दोपहिया, तिपहिया मोटर कैब, चार पहिया टैक्सी, मैक्सी कैब, निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले वाहन, खास तौर पर बनाए गए कमर्शियल वाहन और 7,500 किलोग्राम तक की लोड क्षमता वाले सामान ढोने वाले वाहनों को अब सिर्फ एक बार टैक्स देना होगा। पहले इन वाहनों पर उत्तर प्रदेश मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1997 के तहत समय-समय पर टैक्स लिया जाता था। परिवहन विभाग ने यह भी बताया कि इस एकमुश्त टैक्स में 2.5 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, जिसके विवरण को अलग से अधिसूचित किया जाएगा।
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टैक्स सिस्टम को आसान करने की कोशिश
कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इस फैसले का मकसद टैक्स सिस्टम को आसान बनाना और टैक्स चोरी को रोकना है। उन्होंने कहा, "कई वर्षों से टैक्स सिस्टम में कोई बदलाव नहीं हुआ था। यह कदम टैक्स व्यवस्था को और व्यावहारिक बनाएगा और राज्य की आय को बढ़ाने में मदद करेगा।" यह बदलाव इसलिए भी जरूरी हो गया था क्योंकि 2022 की राज्य इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण और मोबिलिटी नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स में छूट दी गई है, जिससे पारंपरिक वाहनों से टैक्स कलेक्शन कम हो गया था।
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किन वाहनों को मिलेगा फायदा
इस एकमुश्त टैक्स सिस्टम से रैपिडो, जोमैटो, स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म पर चलने वाले दोपहिया वाहनों, ऑटो, टेम्पो, जेसीबी, मटाडोर और इस तरह के अन्य कमर्शियल वाहनों को फायदा होगा। हालांकि, रोडवेज बसें, भारी ट्रक, ड्राइवर ट्रेनिंग वाहन और ट्रैक्टर अभी भी तिमाही या सालाना टैक्स सिस्टम के तहत ही टैक्स देंगे।
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पारदर्शिता और राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद
अधिकारियों का मानना है कि नया सिस्टम ज्यादा पारदर्शिता लाएगा, नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा और मोटर वाहन कराधान से राज्य की आय में काफी बढ़ोतरी होगी। यह कदम न केवल वाहन मालिकों के लिए टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाएगा, बल्कि सरकार को भी राजस्व बढ़ाने में मदद करेगा।
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