वाहनों में सुरक्षा को लेकर पिछले काफी समय में एयरबैग की संख्या बढ़ाकर छह करने को लेकर लंबे समय से चर्चा की जा रही थी। लेकिन अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की ओर से जानकारी दी गई है कि सरकार की ओर से कारों में छह एयरबैग को अनिवार्य नहीं किया जाएगा।
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- फोटो : सोशल मीडिया
क्या दी जानकारी
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की ओर से दिल्ली में आयोजित एसीएम के कार्यक्रम में एयरबैग्स पर जानकारी दी गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस साल की शुरुआत में नए क्रैश टेस्ट नियम लागू होने के बाद से अब केंद्र सरकार कारों में सुरक्षा के लिए छह एयरबैग के सुरक्षा नियम को अनिवार्य नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि देश में कई वाहन निर्माताओं की ओर से पहले से ही अपनी कारों में छह एयरबैग दिए जा रहे हैं। कंपनियों की ओर से ऐसी कारों के विज्ञापन भी किए जा रहे हैं। जिसके बाद छह एयरबैग को अनिवार्य किए जाने की जरुरत नहीं है। अब ग्राहक सुरक्षा को लेकर जागरूक हो गए हैं। जिसके बाद ऐसी कारों की मांग में बढ़ोतरी हुई है, जिसमें छह एयरबैग की सुरक्षा मिलती है।
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नितिन गडकरी ने कार में छह एयरबैग पर की बड़ी घोषणा
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पहले किया था यह फैसला
केंद्र सरकार की ओर से साल 2022 में कारों में छह एयरबैग पर फैसला लिया गया था। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की ओर से ही पिछले साल इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर दी गई थी। तब केंद्रीय मंत्री की ओर से जानकारी दी गई थी कि ऑटो उद्योग के सामने आ रही वैश्विक आपूर्ति में बाधाओं और व्यापक आर्थिक परिदृश्य पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, 01 अक्टूबर 2023 से यात्री कारों (एम -1 श्रेणी) में न्यूनतम 6 एयरबैग अनिवार्य करने वाले प्रस्ताव को लागू करने का निर्णय लिया गया है।
जताई थी चिंता
साल 2022 में ही केंद्रीय मंत्री की ओर से एक चैनल को इंटरव्यू दिया गया था। जिसमें उन्होंने चार पहिया वाहनों में सुरक्षा पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि कंपनियां निर्यात होने वाली कारों में तो छह एयरबैग देती हैं, लेकिन जब वही यूनिट भारत के लिए बनाई जाती है तो उसमें केवल चार एयरबैग ही दिये जाते हैं। एक एयरबैग को बनाने की कीमत महज नौ सौ रुपए आती है। अगर बड़ी संख्या में प्रोडक्शन हो तो एयरबैग की कीमत भी काफी कम हो जाएगी।