केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देश के ऑटो क्षेत्र की पिछले कुछ वर्षों में हुई प्रगति पर रोशनी डाला। जिसके दौरान यह इस क्षेत्र में तीसरी सबसे बड़ी खिलाड़ी बन गई। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य नंबर एक बनना है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देश के ऑटो क्षेत्र की पिछले कुछ वर्षों में हुई प्रगति पर रोशनी डाला। जिसके दौरान यह इस क्षेत्र में तीसरी सबसे बड़ी खिलाड़ी बन गई। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य नंबर एक बनना है।
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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स (एनएटीआरएक्स) में गुरुवार को एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा, "...हमारा नंबर दुनिया में सातवां था, लेकिन हम ऑटोमोबाइल क्षेत्र में तीसरे स्थान पर हैं...हमने जापान को पीछे छोड़ दिया और अब हमारा नंबर तीसरा है।"
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गडकरी ने कहा, "तालिका के शीर्ष पर मौजूद अमेरिकी ऑटोमोबाइल सेक्टर का आकार 78 लाख करोड़ रुपये का था। जबकि चीन का उद्योग आकार 47 लाख करोड़ रुपये था।"
उन्होंने कहा, "जब मैंने मंत्री का कार्यभार संभाला था, तब उद्योग का आकार 7.5 लाख करोड़ रुपये था और आज इसका आकार 22 लाख करोड़ रुपये है। और यह वह उद्योग है, जिसने अब तक 4.5 करोड़ नौकरियां पैदा की हैं - जो देश में सबसे ज्यादा है।"
Nitin Gadkari at NATRAX
- फोटो : X/@nitin_gadkari
उन्होंने कहा, "यह ऑटोमोबाइल उद्योग है, जो राज्य सरकार और भारत सरकार को जीएसटी के हिस्से के रूप में अधिकतम राजस्व दे रहा है।"
गडकरी ने कहा कि उद्योग का निर्यात अधिकतम है और "हमारा सपना भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग को विश्व में नंबर एक बनाना है।"
इससे पहले, हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अगले पांच सालों में दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त करने का वादा किया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी के परिवहन नेटवर्क को विकसित करने और आने वाले दिनों में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए 12,500 करोड़ रुपये के निवेश का एलान किया। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी के लिए 1200 करोड़ रुपये के अतिरिक्त सीआरआईएफ फंड का भी एलान किया।
गडकरी ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) कौन-कौन सी परियोजनाएं शुरू करेगा। उन्होंने कहा, "दिल्ली वायु प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से बहुत परेशान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सड़क निर्माण मंत्रालय ने दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त करने और भीड़भाड़ कम करने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैं और उन्हें लागू किया है।" उन्होंने कहा कि नई सड़क परियोजनाओं से दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।