PM E-DRIVE योजना का उद्देश्य
PM E-DRIVE योजना का मुख्य लक्ष्य:
- इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को तेजी से अपनाने में मदद करना
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सहित सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना
- प्रदूषण कम करना और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाना
यह योजना दोपहिया, तिपहिया, पैसेंजर वाहन और कमर्शियल फ्लीट जैसे कई सेगमेंट को कवर करती है।
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₹10,900 करोड़ की कुल योजना, दो साल के लिए
11 सितंबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM E-DRIVE योजना को 10,900 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ दो वर्षों के लिए मंजूरी दी थी।
इसका उद्देश्य भारत में ईवी अपनाने की रफ्तार बढ़ाना और क्लीन मोबिलिटी को मजबूत आधार देना है।
किन वाहनों को मिलेंगे प्रोत्साहन
इस योजना के तहत:
- बैटरी से चलने वाले दो और तीन पहिया वाहन
- ई-एंबुलेंस, ई-ट्रक और अन्य उभरते ईवी सेगमेंट
के लिए कुल 3,679 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, ताकि इनकी खरीद को प्रोत्साहन मिल सके।
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चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100% सहायता
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि PM E-DRIVE योजना के तहत 88,500 स्थानों पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 100 प्रतिशत सरकारी सहायता दी जाएगी। यह निवेश ऑटो और ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की पीएलआई योजनाओं के अतिरिक्त है।
हरित परिवहन को बढ़ाव
बजट 2026 में PM E-DRIVE के लिए किया गया आवंटन यह संकेत देता है कि सरकार ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने, चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार और हरित परिवहन को बढ़ावा देने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है। आने वाले वर्षों में यह योजना भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी यात्रा को नई गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
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