उबर ने भारत में अपने ड्राइवरों के लिए इन-एप वीडियो रिकॉर्डिंग फीचर का ट्रायल शुरू किया है। इस फीचर का उद्देश्य है कि ड्राइवर खुद को झूठी शिकायतों या यात्रियों की गलत हरकतों से बचा सकें। अब ड्राइवर उबर एप के अंदर ही वीडियो रिकॉर्ड कर पाएंगे, ताकि किसी विवाद की स्थिति में उनके पास सबूत मौजूद रहे। उबर, जो एक लोकप्रिय राइड-हेलिंग (एक ऑन-डिमांड परिवहन सेवा है जो मोबाइल एप के जरिए यात्रियों को उनकी लोकेशन से सीधे मंजिल तक पहुंचाने के लिए निजी ड्राइवरों से जोड़ती है) सर्विस है, इस फीचर को फिलहाल ट्रायल के तौर पर कुछ शहरों में टेस्ट कर रही है।
दिल्ली-NCR के छह उबर ड्राइवरों ने TechCrunch को बताया कि उन्हें अक्सर यात्रियों की बदसलूकी झेलनी पड़ती है। कई बार यात्री झूठी शिकायत करने की धमकी भी देते हैं। ऐसी शिकायतों की वजह से ड्राइवरों को जुर्माना भरना पड़ता है या उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया जाता है। एक ड्राइवर ने बताया, "रात में सफर करने वाली कुछ महिला यात्री कभी-कभी कहती हैं कि हम मैप के बजाय उनका पसंदीदा रास्ता लें। अगर हम मना करें, तो वे झूठी शिकायत करने की धमकी देती हैं"
नए वीडियो रिकॉर्डिंग फीचर को लेकर ड्राइवरों का कहना है कि यह फीचर उन्हें मुश्किल हालात में खुद को बचाने में मदद करेगा, क्योंकि अब उनके पास वीडियो सबूत होगा। हालांकि, कुछ ड्राइवरों को इस बात की चिंता भी है कि अगर कोई विवाद होता है, तो कंपनी वाकई उनका साथ देगी या नहीं। उन्हें डर है कि अगर यात्रियों को रिकॉर्डिंग पसंद नहीं आई, तो वे उबर छोड़कर दूसरी कैब सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अभी यह फीचर सिर्फ 10 शहरों में ट्रायल के रूप में शुरू किया गया है। जिसमें बेंगलुरु, चेन्नई, चंडीगढ़, दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ, कोलकाता और मुंबई शामिल हैं। जब भी ड्राइवर वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू करेगा, तो पैसेंजर को एक नोटिफिकेशन मिलेगा कि 'रिकॉर्डिंग चालू है'। उबर ने बताया कि सारी रिकॉर्डिंग पूरी तरह सुरक्षित होती है, यह ड्राइवर के फोन में स्टोर रहती है और कोई भी यहां तक कि उबर भी इसे तब तक नहीं देख सकता जब तक यूजर खुद उसे किसी सेफ्टी रिपोर्ट में शेयर न करें।
अगर ड्राइवर 7 दिनों के अंदर रिकॉर्डिंग शेयर नहीं करता, तो वह अपने आप डिलीट हो जाएगी। यह फीचर सबसे पहले 2022 में अमेरिका में टेस्ट किया गया था और अब यह कनाडा और ब्राजील में भी इस्तेमाल हो रहा है। यह फीचर उबर के पुराने ऑडियो रिकॉर्डिंग फीचर पर आधारित है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि भारत में यह फीचर कब सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी पहले कुछ महीनों तक ट्रायल के नतीजे देखेगी, उसके बाद ही इसे बड़े पैमाने पर लॉन्च किया जाएगा। हाल ही में उबर ने किशोरों और सीनियर सिटिजंस के लिए भी नए सेफ्टी फीचर्स जारी किए हैं।