भारतीय ऑटो बाजार में एंट्री-लेवल 7 सीटर एमपीवी सेगमेंट में नई हलचल देखने को मिल रही है। निसान ने अपनी नई निसार ग्रेवाइट को लॉन्च कर दिया है। यह सीधे मुकाबले में है रेनो ट्राइबर से, जो अब तक सबसे सस्ती 7 सीटर एमपीवी मानी जाती थी।
कीमत में बढ़त, पर अंतर सीमित
कीमत की बात करें तो ग्रेवाइट, ट्राइबर की तुलना में थोड़ी सी सस्ती है, लेकिन टॉप वेरिएंट्स की बात करें तो दोनों के बीच कीमत का अंतर ज्यादा बड़ा नहीं रह जाता। ऐसे में खरीद का फैसला केवल कीमत पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि फीचर्स और ब्रांड प्राथमिकता भी भूमिका निभाएंगे।
प्लेटफॉर्म समान, पहचान अलग
दोनों एमपीवी रेनो-निसान गठजोड़ के तहत एक ही प्लेटफॉर्म पर तैयार की गई हैं। इसका मतलब है कि इंजन, व्हीलबेस और बेसिक मैकेनिकल सेटअप लगभग समान है। दोनों में 2636 मिमी का व्हीलबेस मिलता है। लंबाई की बात करें तो ग्रेवाइट 3987 मिमी और ट्राइबर 3985 मिमी लंबी है। कॉम्पैक्ट साइज होने की वजह से शहर में ड्राइविंग और पार्किंग थोड़ा आसान रहता है। हालांकि ग्रेवाइट में हल्के कॉस्मेटिक बदलाव और अलग फ्रंट डिजाइन दिया गया है, जिससे इसकी पहचान ट्राइबर से अलग नजर आती है।
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इंजन और माइलेज
दोनों गाड़ियों में 1.0-लीटर, 3-सिलिंडर पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 71 बीएचपी की पावर और 96 न्यूटन मीटर का टॉर्क जनरेट करता है। इसमें 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड एएमटी गियरबॉक्स विकल्प मिलता हैं। माइलेज लगभग 19 किमी प्रति लीटर तक बताया गया है। ये इंजन शहर के रोजमर्रा उपयोग और छोटी फैमिली ड्राइव के लिए पर्याप्त है, लेकिन फुल लोड के साथ हाईवे ड्राइविंग में पावर सीमित महसूस हो सकती है।
फीचर्स और सेफ्टी?
फीचर्स की बात करें तो ग्रेवाइट में 8-इंच टचस्क्रीन, 7-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वायरलेस स्मार्टफोन कनेक्टिविटी, पुश बटन स्टार्ट/स्टॉप, रियर एसी वेंट्स, 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), हिल स्टार्ट असिस्ट और टीपीएमएस जैसे फीचर्स मिलते हैं। वहीं, ट्राइबर में 8-इंच टचस्क्रीन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट डिस्प्ले, रियर एसी वेंट्स, 4 एयरबैग, एबीएस के साथ ईबीडी, रियर पार्किंग सेंसर और 182 मिमी ग्राउंड क्लीयरेंस दिया गया है। सुरक्षा फीचर्स के लिहाज से ग्रेवाइट थोड़ा आगे नजर आती है, खासकर एयरबैग और ईसीएस जैसे एडवांस फीचर्स की वजह से।
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स्पेस और प्रैक्टिकलिटी
दोनों एमपीवी में रिमूवेबल थर्ड रो सीट्स दी गई हैं, जिससे जरूरत के अनुसार बूट स्पेस बढ़ाया जा सकता है। ट्राइबर में थर्ड रो के साथ 84 लीटर का बूट स्पेस मिलता है, जबकि सीट हटाने पर लगेज रखने की जगह काफी बढ़ जाती है। हालांकि, तीसरी पंक्ति बच्चों या कम दूरी की यात्रा के लिए ज्यादा उपयुक्त मानी जाती है। लंबे सफर में स्पेस सीमित लग सकता है, जो इस सेगमेंट की कॉम्पैक्ट एमपीवी में एक सामान सी विशेषता है।
एक्सपर्ट की राय
अगर आप एक बजट-फ्रेंडली 7-सीटर कार लेने का मन बना रहे हैं, तो चुनाव करने से पहले अपनी जरूरतों का आकलन करना बेहद जरूरी है। लेकिन अगर आपकी प्राथमिकता सीमित बजट और शहर के भीतर सामान्य पारिवारिक इस्तेमाल है, तो निसान ग्रेवाइट और रेनो ट्राइबर दोनों ही बेहतरीन विकल्प साबित होते हैं। ये कारें कम कीमत में आपको एक बड़ी गाड़ी का अहसास और फ्लेक्सिबिलिटी देती हैं।
ऑटो एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर एंट्री-लेवल सात सीटी सेगमेंट में अब और प्रतिस्पर्धा शुरू हो चुकी है। ग्रेवाइट ने कीमत और सुरक्षा के दम पर रेनो ट्राइबर को चुनौती दी है। हालांकि इंजन और स्पेस प्रोफाइल करीब समान ही हे। फैसला आखिरकार आपके बजट, ब्रांड पसंद और फीचर प्राथमिकता पर निर्भर करेगा।