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Turbo Car Tips: ओवरटेक करते समय नहीं हांफेगा इंजन, तुरंत मिलेगा दमदार पिकअप; टर्बो कार चालक आज ही बदलें ये आदत

Sun, 21 Jun 2026 12:35 PM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Car Tips: क्या एक्सीलेटर को दबाने के बाद भी आपकी कार तुरंत पिकअप नहीं लेती? या आपकी टर्बो कार में भी Turbo Lag महसूस होता है ? तो यहां जानिए कुछ आसान ड्राइविंग और मेंटेनेंस टिप्स, जो आपकी कार की परफॉर्मेंस बढ़ा सकती हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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Turbo Lag Explained: बदलते दौर के साथ ग्राहकों की डिमांड भी बदल रही है। आजकल लोगों को टर्बो पेट्रोल इंजन वाली कारें बेहद पसंद आ रही हैं। इसका कारण है कि छोटे इंजन से ज्यादा पावर और बेहतर परफॉर्मेंस देने की वजह से कार कंपनियां टर्बो तकनीक पर खास जोर दे रही हैं। लेकिन पहली बार टर्बो कार चलाने वाले कई ड्राइवर एक सामान्य समस्या का सामना करते हैं, जिसे टर्बो लैग कहा जाता है। ऐसे में जानना जरूरी है कि आखिर यह क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है? 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
Turbo Lag क्या होता है ?
टर्बो इंजन में जब ड्राइवर एक्सीलेटर दबाता है, तो इंजन को पूरी ताकत देने से पहले टर्बाेचार्जर को सक्रिय होने में थोड़ा समय लगता है। एक्सीलेटर दबाने और कार के तेज रफ्तार पकड़ने के बीच आने वाली इसी हल्की देरी को टर्बो लैग कहा जाता है।
यह समस्या खासतौर पर ट्रैफिक, धीमी स्पीड या स्टॉप-एंड-गो ड्राइविंग के दौरान ज्यादा महसूस होती है। हालांकि इसे इंजन की खराबी नहीं बल्कि टर्बो तकनीक का सामान्य व्यवहार कहा जाता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
कैसे मिलेगा बेहतर रिस्पॉन्स?
दरअसल, टर्बो इंजन का पूरा फायदा तभी मिलता है, जब कार सही गियर और सही आरपीएम  (रिवोल्यूशंस पर मिनट) रेंज में चलाई जाए। कई बार ऐसा होता है कि कई चालक कम स्पीड पर भी ऊंचे गियर पर काम चलाने लगते हैं, जिससे इंजन आरपीएम काफी नीचे चला जाता है। ऐसी स्थिति में अचानक स्पीड बढ़ाने की जरूरत पड़ने पर टर्बोचार्जर को सक्रिय होने में ज्यादा समय लगता है और पिकअप कमजोर महसूस होता है।

जरूरत पड़ने पर गियर करें डाउन 
अगर आप मैनुअल ट्रांसमिशन कार चला रहे हैं और आपको तुरंत एक्सीलरेशन चाहिए, तो एक गियर नीचे शिफ्ट करें। इससे इंजन आरपीएम बढ़ेगा और टर्बो जल्दी सक्रिय होकर बेहतर पिकअप देगा।
जबकि ऑटोमैटिक टर्बो कार चलाने वाले चालक ओवरटेकिंग या तेज एक्सीलरेशन के समय स्पोर्ट मोड का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। अगर कार में पैडल शिफ्टर्स उपलब्ध हैं, तो गियर डाउन करके भी बेहतर परफॉर्मेंस हासिल की जा सकती है।

बहुत कम आरपीएम पर ड्राइविंग से बचें
बहुत कम लोगों को पता है कि लगातार लो आरपीएम पर कार चलाने से न केवल टर्बो लैग बढ़ता है बल्कि इंजन पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ता है। इंजन को उसकी आदर्श RPM रेंज में रखने से बेहतर परफॉर्मेंस और स्मूद ड्राइविंग मिलती है।

टर्बो इंजन की देखभाल भी है जरूरी
टर्बोचार्जर सामान्य इंजन की तुलना में ज्यादा तापमान और अत्यधिक स्पीड पर काम करता है। इसलिए इसकी नियमित देखभाल बेहद महत्वपूर्ण होती है।

समय पर सर्विसिंग जरूरी
इंजन ऑयल और एयर फिल्टर की समय पर सर्विसिंग टर्बो इंजन के लिए बहुत जरूरी है। गंदे एयर फिल्टर की वजह से टर्बो को पर्याप्त हवा नहीं मिलती, जिससे इसकी काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और लैग बढ़ सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
वॉर्म-अप और कूल-डाउन का रखें ध्यान

स्टार्ट करते ही तेज रफ्तार न पकड़ें
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सुबह या लंबे समय बाद कार स्टार्ट करने पर तुरंत तेज एक्सीलरेशन देने से बचना चाहिए। इंजन को 30 से 60 सेकेंड तक आइडल रहने दें, जिससे ऑयल पूरे टर्बो सिस्टम में सही तरीके से पहुंच सके।

लंबी ड्राइव के बाद तुरंत इंजन बंद न करें
हाईवे ड्राइव या तेज रफ्तार सफर के बाद कार रोकते ही इंजन बंद नहीं करना चाहिए। करीब एक मिनट तक इंजन चालू रहने देने से टर्बो धीरे-धीरे ठंडा हो जाता है और उसकी उम्र बढ़ती है।

टर्बो इंजन का असली मजा कैसे लें?
टर्बो इंजन का उद्देश्य कम क्षमता वाले इंजन से ज्यादा ताकत निकालना होता है। सही गियर, उचित RPM और नियमित मेंटेनेंस के साथ टर्बो लैग को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इससे कार का एक्सीलरेशन बेहतर होता है और ओवरटेकिंग जैसी स्थितियों में ज्यादा आत्मविश्वास मिलता है।
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