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Traffic Violations: ट्रैफिक नियम तोड़े तो लाइसेंस होगा रद्द? क्या सरकार ला रही है पॉइंट-आधारित सिस्टम

Sat, 28 Feb 2026 05:14 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार एक नए सिस्टम पर काम कर रही है जिससे असुरक्षित ड्राइविंग पर पेनल्टी लगाना आसान हो जाएगा। जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पॉइंट-बेस्ड सिस्टम लाने का प्रस्ताव है।
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Over Speeding - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर एक सख्त और प्रभावी कदम उठाने की तैयारी में है। इसके तहत ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पॉइंट-आधारित सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस नए तंत्र के तहत बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है।

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सरकार यह नया सिस्टम क्यों ला रही है?
नई दिल्ली में हाल ही में आयोजित नेशनल कॉन्क्लेव ऑन रोड सेफ्टी में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि देश में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या बन चुकी हैं। हर साल लगभग 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें करीब 1.8 लाख लोगों की जान चली जाती है। सरकार का मानना है कि इसके पीछे लापरवाह ड्राइविंग और नियमों के प्रति उदासीनता बड़ी वजह है।

सड़क हादसों के पीछे कौन-सी गलतियां जिम्मेदार हैं?
मंत्री के अनुसार, अधिकतर मौतें इन कारणों से होती हैं:

  • वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल

  • तेज रफ्तार (ओवरस्पीडिंग)

  • गलत दिशा में वाहन चलाना

  • शराब के नशे में ड्राइविंग

हालांकि जुर्माने बढ़ाए गए हैं, लेकिन कानून का डर और पालन अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

Rash Driving SUV - फोटो : X/@DelhiPolice

पॉइंट-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम कैसे काम करेगा?
प्रस्तावित योजना के तहत हर ड्राइवर के लाइसेंस पर एक निश्चित संख्या में पॉइंट्स होंगे।

  • हर ट्रैफिक उल्लंघन पर कुछ पॉइंट्स काटे जाएंगे

  • यदि सभी पॉइंट्स खत्म हो जाते हैं, तो लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है

  • बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द होने का भी प्रावधान होगा

सरकार का कहना है कि यह सिस्टम जल्द लागू किया जा सकता है।

युवाओं पर सड़क हादसों का असर क्यों ज्यादा है?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में 72 प्रतिशत लोग 18 से 45 साल की उम्र के होते हैं। इसके अलावा, 18 साल से कम उम्र के 10,119 बच्चे भी हादसों का शिकार हो चुके हैं। यह आंकड़े दिखाते हैं कि सड़क सुरक्षा सिर्फ नियमों का नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी का भी सवाल है।
 

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Over Speeding - फोटो : Freepik
सरकार का मकसद क्या है?
सरकार का साफ कहना है कि इस पॉइंट-आधारित सिस्टम का उद्देश्य सजा देना नहीं, बल्कि जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देना और जान बचाना है। सख्त नियमों के जरिए सड़क पर अनुशासन लाने और हादसों की संख्या घटाने की कोशिश की जा रही है।

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