दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण के तहत प्रदूषण विरोधी उपायों के पहले दिन शुक्रवार को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने करीब 550 चालान जारी किए। जिससे कुल 5.85 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को वायु गुणवत्ता और खराब हो गई, कई इलाके "गंभीर" श्रेणी में पहुंच गई।
पुलिस के अनुसार, उन्होंने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) नहीं होने पर 4,855 वाहनों के चालान जारी किए। और कुल 4.8 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।
ट्रैफिक पुलिस ने वैध पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं होने पर वाहन चालकों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया। इन चालानों को अदालतों से छुड़ाया जा सकता है। गौरतलब है कि GRAP-3 प्रतिबंधों के तहत, निजी BS III पेट्रोल और BS IV डीजल वाहनों को सड़कों पर चलने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। और उल्लंघन करने पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
एनसीआर के शहरों से दिल्ली आने वाली डीजल और पेट्रोल से चलने वाली अंतरराज्यीय बसों पर भी रोक है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने शहर के मध्य, पूर्वी और उत्तरी रेंज में बीएस-III और बीएस-IV वाहनों के लिए कुल 293 चालान जारी किए हैं। पीयूसीसी सर्टिफिकेट न होने पर कुल 2,404 चालान जारी किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि नई दिल्ली रेंज ने 63 चालान जारी किए, जबकि पश्चिमी रेंज ने 73 और दक्षिणी रेंज ने 121 चालान जारी किए। उन्होंने बताया कि इसके अलावा दक्षिणी और पश्चिमी रेंज ने भी पीयूसीसी न होने पर चालान जारी किए।
कार्रवाई के बारे में बात करते हुए पुलिस उपायुक्त (यातायात) राजीव कुमार रावल ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को ट्रैफिक पुलिस की तीन रेंजों में लगभग 3,000 वाहनों की जांच की।
रावल ने कहा, "हमने सीमावर्ती इलाकों में विशेष रूप से जांच तेज कर दी है और अंतरराज्यीय बसों की भी जांच की जा रही है। जिन वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, उन्हें सीमाओं से वापस लौटाया जा रहा है। हमने ऐसे करीब 300 वाहनों को वापस लौटाया है। हम उन वाहनों पर भी मुकदमा चला रहे हैं जिनके पास पीयूसीसी नहीं है।"