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अब पर्यावरण मंत्रालय को पसंद आईं इलेक्ट्रिक कारें, अफसर करेंगे इस्तेमाल

Thu, 04 Jul 2019 09:41 AM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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Environment Ministry Electric Cars-2 - फोटो : Twitter
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने प्रदूषण कम करने की दिशा में कदम उठाते हुए इलेक्ट्रिक कारें इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इन इलेक्ट्रिक कारों का इस्तेमाल मंत्रालय के अधिकारी ही करेंगे। फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय, नीति आयोग, ऊर्जा मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, वित्त आयोग में ही इलेक्ट्रिक कारों का इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा कुछ राज्य सरकारें भी इन कारों का इस्तेमाल कर रही हैं।

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ट्रायल पर पांच कारें

Environment Ministry Electric Cars-4 - फोटो : Twitter
मंत्रालय के मुताबिक सोमवार को ही ट्रायल के लिए पांच कारें मंगायी हैं और इनमें से तीन कारों को अधिकारियों आवंटित कर दिया गया है। मंत्रालय ने इन कारों की तस्वीरों को ट्वीट करते हुए लिखा है कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने ऑफिस आने-जाने के लिए इलेक्ट्रिक कारें लीज पर ली गई हैं। इन कारों के लिए मंत्रालय परिसर में ही चार्जिंग सुविधा लगाई गई है।

 

महिंद्रा की ई-वेरिटो कारें

Environment Ministry Electric Cars-5 - फोटो : Twitter
सूत्रों के मुताबिक ये महिंद्रा की ई-वेरिटो कारें हैं। इन कारों का इस्तेमाल ज्वाइंट सेक्रेटरी, इंस्पेक्टर जनरल और डायरेक्टर जनरल स्तर के अधिकारी ही करेंगे। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर वित्त मंत्रालय ने अपने अधिकारियों को पेट्रोल-डीजल कारों की जगह इलेक्ट्रिक कारें किराये पर लेने का निर्देश दिया था।

वित्त मंत्रालय भी कर चुका है पहल

EESL Electric Vehicle - फोटो : Twitter
वित्त मंत्रालय ने एनर्जी एफिशिएंसी सर्विस लिमिटेड (ईएसएसएल) ने 15 नई इलेक्ट्रिक कारें लीज 40 हजार प्रति माह प्रति कार दर से पांच साल के लिए लीज पर ली गई थीं। उस समय दावा किया गया था कि इस फैसले से सालाना 36,000 लीटर ईंधन बचेगा और सालाना 440 टन कार्बन डाइऑक्साइड का कम उत्सर्जन होगा। वहीं इन कारों के लिए नॉर्थ ब्लॉक में चार फास्ट चार्जिंग पॉइंट और छह सामान्य चार्जिंग पॉइंट लगाए गए थे।

अफसरों ने बंद कर दिया था इस्तेमाल

electric car indian govt - फोटो : Twitter
हालांकि पिछले साल ये भी खबरें आई थीं कि इन कारों का अफसरों ने कुछ समय तक इस्तेमाल भी किया, लेकिन बाद में इसे लेकर असमर्थता जता दी। अफसरों का तर्क था कि इलेक्ट्रिक वाहनों को  इस्तेमाल ना किए जाने की एक वजह कार का खराब प्रदर्शन और कम बैटरी रेंज भी है। उनका कहना था कि एक बार फुल चार्जिंग पर टाटा टिगोर इलेक्ट्रिक और महिंद्रा ई-वेरिटो केवल 80-82 किमी तक ही चलती हैं। वहीं इनमें ग्लोबल स्टैंडर्ड के मुताबिक लगी बैटरियां पर्याप्त क्षमता वाली नहीं है। उस दौरान इन दोनों कारों में ग्लोबल मानक वाली 27-35kWh के मुकाबले 17kWh की बैटरी दी गई थी।
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40 से 45 मिनट में कार फुल चार्ज

Mahindra e Verito
महिंद्रा ई-वेरिटो इलेक्ट्रिक सेडान कार फुल बैटरी चार्ज होने पर 140 किमी तक चल सकती हैं। इन कारों में दो चार्जिंग पॉइंट लगे हैं। कार के अगले हिस्से में फास्ट चार्जिंग के लिए डीसी और पिछले हिस्से में स्लो एसी चार्जिंग पॉइंट हैं। डीसी चार्जिंग से करीब 40 से 45 मिनट में कार फुल चार्ज हो जाती है, जबकि एसी पॉइंट से चार्जिंग में चार से पांच घंटे लगते हैं।
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