रवांडा ने एलान किया है कि वह नए साल से पेट्रोल से चलने वाली मोटरबाइक टैक्सियों का पंजीकरण नहीं करेगा। क्योंकि वह इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ना चाहता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्री जिमी गैसोर ने सोमवार को मीडिया को बताया, "इसका लक्ष्य स्वच्छ, अधिक कुशल ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और गैस उत्सर्जन को कम करना है।"
नया नियम सिर्फ राजधानी किगाली में और टैक्सियों के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली मोटरबाइकों पर लागू होगा। जो सार्वजनिक परिवहन का प्रमुख साधन है।
रवांडा में विद्युतीकरण (इलेक्ट्रिफिकेशन) को बढ़ावा देने के लिए कई सब्सिडी योजनाएं चल रही हैं। जिसमें चार्जिंग के लिए सस्ती बिजली और बैटरी बनाने वाली कंपनियों के लिए टैक्स छूट शामिल है।
मंत्रालय का अनुमान है कि रवांडा में करीब 1,10,000 मोटरबाइक हैं। जिनमें से 30,000 किगाली में हैं। इनमें से 70,000 का इस्तेमाल टैक्सी के रूप में किया जाता है।
इलेक्ट्रिक बाइक बेचने वाली कई रवांडाई फर्मों में से एक, SAFI यूनिवर्सल लिंक के प्रबंधक ईव कायरंगा ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए इसे "हरित शहर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम" बताया।
उन्होंने कहा, "यह नीति न सिर्फ कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करती है। बल्कि रवांडा में ई-मोबिलिटी के लिए सहायक बुनियादी ढांचे के निर्माण में हुई प्रगति को भी दर्शाती है।"
इलेक्ट्रिक बाइक का ड्राइवरों ने भी स्वागत किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 32 वर्षीय अल्फोंस मबारबुसेये ने कहा कि 2022 में पेट्रोल से बाइक बदलने के बाद से उनकी दैनिक आय आधी हो गई है।
उन्होंने कहा, "इससे बाइक के रखरखाव की लागत में काफी कमी आई है। क्योंकि अब मुझे दिन में एक या दो बार इसकी बैटरी बदलनी पड़ती है।"