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टेस्ला रोडस्टर: हवा में स्टंट से लेकर तेज मोड़ पर जबरदस्त पकड़ तक, एलन मस्क की रॉकेट कार में क्या है खास?

Fri, 16 Oct 2026 12:40 PM IST
जागृति शुक्ला ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जरा सोचिए, आप एक ऐसी स्पोर्ट्स कार में बैठे हैं जो रास्ते में ट्रैफिक मिलने पर सड़क पर दौड़ने के बजाय अचानक हवा में एक शानदार कलाबाजी करते हुए अन्य गाड़ियों के ऊपर से निकल जाए। टेस्ला की नई रोडस्टर में अब यह सब संभव होने वाला है। इस कार में पेट्रोल या रॉकेट ईंधन नहीं, बल्कि 600 लीटर के एयर टैंक से निकलने वाली दबाव वाली हवा उड़ने की ताकत देती है। इसकी जमीन पर पकड़ इतनी जबरदस्त है कि यह उल्टे ट्रैक पर भी बिना गिरे दौड़ सकती है।
आखिर यह कार हवा में कलाबाजी कैसे करेगी? हवा में स्टंट दिखाने से लेकर तेज मोड़ों पर जबरदस्त पकड़ बनाने तक, टेस्ला की यह नई रॉकेट जैसी सुपरकार आसमान और जमीन पर कैसे कमाल दिखाएगी? आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ विस्तार से।
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टेस्ला रोडस्टर - फोटो : @Tesla
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विस्तार
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इलेक्ट्रिक कारों की पहचान अब तक उनकी बैटरी, रेंज और रफ्तार से होती आई है, लेकिन टेस्ला की नई रोडस्टर ने इस तस्वीर में एक नया पहलू जोड़ दिया है। एलन मस्क की कंपनी ने इस कार के साथ ऐसी तकनीक का प्रदर्शन किया है, जिसकी मदद से कार को हवा में उठाने, घुमाने और तेज मोड़ों पर सड़क पर बेहतर पकड़ बनाए रखने का दावा किया गया है।
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इसका प्रदर्शन टेक्सास के मैकग्रेगर स्थित SpaceX के रॉकेट टेस्ट और डेवलपमेंट सेंटर में किया गया। यहां Roadster ने हवा में कलाबाजी दिखाने के साथ अपनी तेज रफ्तार का भी प्रदर्शन किया। कंपनी के अधिकारियों ने इस दौरान कार में इस्तेमाल किए गए थ्रस्टर्स, हाई-प्रेशर एयर सिस्टम और सक्शन फैन जैसी तकनीकों के बारे में जानकारी दी, लेकिन सवाल है कि आखिर ये तकनीकें काम कैसे करती हैं?

टेस्ला रोडस्टर के बारे में...
एलन मस्क की टेस्ला ने नई रोडस्टर को ऐसे प्रदर्शन के साथ पेश किया, जिसमें कार घुमावदार ट्रैक पर उल्टी दौड़ी, हवा में घूमी और थ्रस्टर्स की मदद से जमीन पर लौटी। इस कार को तैयार करने में टेस्ला और स्पेसएक्स के इंजीनियरों ने साथ काम किया है। इसमें 10 कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स, हाई-प्रेशर एयर टैंक और कार को सतह से चिपकाए रखने वाला सक्शन फैन सिस्टम दिया गया है। कंपनी ने 0 से 96 किमी प्रति घंटा की रफ्तार 0.81 सेकंड में पकड़ने का दावा किया है, जबकि प्रोडक्शन का लक्ष्य 2028 रखा गया है। लेकिन क्या यह आम सड़कों पर उड़ सकेगी? इसमें कौन-सा ईंधन इस्तेमाल होता है, इसकी कीमत कितनी होगी और भारत में इसे चलाना कितना आसान होगा? जानिए इस इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार की तकनीक के बारे में...
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टेस्ला और स्पेसएक्स ने मिलकर कैसे तैयार की रॉकेट जैसी कार?
नई रोडस्टर को पेश करने के लिए अमेरिका के टेक्सास स्थित स्पेसएक्स के रॉकेट टेस्ट और डेवलपमेंट परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह करीब 4,000 एकड़ में फैला परीक्षण क्षेत्र है। जिसमें पहले मेहमानों को SpaceX के Raptor रॉकेट इंजन का स्टैटिक-फायर परीक्षण भी दिखाया गया। फिर कार्यक्रम में एलन मस्क ने टेस्ला और स्पेसएक्स के इंजीनियरों के सहयोग को कार की खासियतों के पीछे की बड़ी वजह बताया। 

टेस्ला रोडस्टर के पीछे की तकनीक - फोटो : amarujala.com
कार हवा में कैसे उठेगी? इसमें रॉकेट वाला कौन-सा सिस्टम है?
  • टेस्ला के रोडस्टर में कुल दस कोल्ड-गैस थ्रस्टर नोजल दिए गए हैं। थ्रस्टर एक ऐसा सिस्टम होता है, जिसमें गैस को बहुत तेज गति से बाहर निकालकर विपरीत दिशा में बल पैदा किया जाता है। इसी बल की मदद से वाहन की गति या दिशा में बदलाव किया जा सकता है।
  • इस कार में इस्तेमाल होने वाले थ्रस्टर्स के लिए दो हाई-प्रेशर टैंक दिए गए हैं। जिसकी संयुक्त क्षमता 600 लीटर बताई जा रही है। टेस्ला के व्हीकल इंजीनियरिंग प्रमुख लार्स मोरावी के अनुसार, इन टैंकों में करीब 250 किलोग्राम हवा रखी जा सकती है। ये टैंक कार्बन-फाइबर कंपोजिट से बने प्रेशर वेसल हैं, जिन्हें एयरोस्पेस क्षेत्र में भी इस्तेमाल किया जाता है।
  • कंपनी के अनुसार, कार के पिछले हिस्से में चार मुख्य थ्रस्टर्स है, जो मिलकल 80 किलो न्यूटन से अधिक थ्रस्ट पैदा कर सकते हैं। टेस्ला का कहना है कि नोजल से निकलने वाली हवा की गति ध्वनि की गति से भी अधिक हो सकती है। यह सभी आंकड़े कंपनी के दावे हैं। थ्रस्टर्स के जरिए कार को हवा में उठाने, घुमाने और नीचे आते समय उसकी गति नियंत्रित करने की योजना है। प्रदर्शन के दौरान कार ने ऊंचे घुमावदार रैंप पर चढ़ने के बाद हवा में मूवमेंट किया और थ्रस्टर्स की मदद से नीचे लौटने का स्टंट दिखाया। Tesla ने दूसरे प्रदर्शन में कार को खड़ी गाड़ियों के ऊपर से उछालते और हवा में घुमाते हुए भी दिखाया।
  • इसका मतलब यह नहीं है कि Roadster सामान्य उड़ान भरने वाले विमान की तरह लंबे समय तक हवा में रह सकती है। फिलहाल दिखाए गए करतब खास परिस्थितियों में किए गए प्रदर्शन हैं। हवा में उठने की ऊंचाई, एक बार में कितनी देर तक यह ऐसा कर सकेगी और अलग-अलग परिस्थितियों में सिस्टम कैसे काम करेगा, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
क्या इसमें पेट्रोल, डीजल या रॉकेट ईंधन इस्तेमाल होगा?
नहीं...राडस्टर एक  इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार है, जिसके पहियों को चलाने के लिए इलेक्ट्रिक पावरट्रेन है, जबकि थ्रस्टर्स के लिए कंप्रेस्ड एयर का इस्तेमाल किया जाता है। थ्रस्टर्स में रॉकेट की तरह ईंधन जलाने के बजाय टैंक में जमा हाई-प्रेशर हवा बाहर निकाली जाती है।
एलन मस्क ने कहा है कि कार अपने एयर टैंक को खुद दोबारा भरने यानी रिचार्ज करने में सक्षम हो सकेगी। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि टैंक भरने की प्रक्रिया असल में कैसे होगी, इसमें कितना समय लगेगा या एक बार टैंक भरने पर कितने स्टंट किए जा सकेंगे।
यह जानकारी इसलिए जरूरी मानी जा रही है, क्योंकि थ्रस्टर्स का प्रदर्शन सिर्फ उनकी ताकत पर निर्भर नहीं करेगा। टैंक में मौजूद हवा की मात्रा, उसका दबाव और हवा को बाहर निकालने की दर भी तय करेगी कि सिस्टम कितनी देर तक और कितनी बार काम कर सकता है।

जब रॉकेट ईंधन नहीं है, तो थ्रस्टर्स को ताकत कहां से मिलेगी?
इस कार से जुड़ा एक बड़ा सवाल है कि इसमें किस तरह का ईंधन इस्तेमाल होगा। Tesla और SpaceX के सहयोग से तैयार इस सिस्टम में रॉकेट ईंधन जलाने के बजाय कंप्रेस्ड एयर यानी दबाव वाली हवा का इस्तेमाल किया गया है।
लार्स मोरावी के मुताबिक, कार में दो हाई-प्रेशर एयर टैंक हैं, जिनकी कुल क्षमता करीब 600 लीटर बताई गई है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान लगभग 250 किलोग्राम हवा का भी जिक्र किया। इस हवा को दबाव के साथ टैंकों में स्टोर किया जाता है और जरूरत पड़ने पर थ्रस्टर नोजल के जरिए तेजी से बाहर छोड़ा जाता है।
कंपनी के अनुसार, पीछे लगे चार थ्रस्टर्स मिलकर 80 किलो न्यूटन से ज्यादा का थ्रस्ट यानी धक्का पैदा कर सकते हैं। हवा नोजल से बहुत तेज गति से निकलती है, जिसे कंपनी ने ध्वनि की गति से भी तेज बताया है।
यहां पेट्रोल, डीजल या रॉकेट ईंधन की तरह दहन की प्रक्रिया मुख्य भूमिका में नहीं है। सिस्टम पहले से दबाव के साथ जमा की गई हवा की ऊर्जा का इस्तेमाल करता है।

हवा में उड़ान भरने की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
कार हवा में कैसे उठेगी?
टेस्ला के अनुसार, नई रोडस्टर में दस थ्रस्टर नोजल दिए गए हैं, जो दबाव वाली हवा को तेजी से बाहर निकालकर कार को बल देने के लिए बनाए गए हैं। कंपनी के प्रदर्शन में कार को हवा में उठते और घूमते दिखाया गया। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि कार विमान की तरह लगातार उड़ सकती है या सामान्य परिस्थितियों में उड़ान भरने के लिए तैयार है।

हवा में कार अपनी दिशा कैसे बदलेगी?
हवा में उठना एक चुनौती है, लेकिन हवा में संतुलन बनाए रखना और दिशा बदलना उससे भी अलग काम है। अगर कार को केवल पीछे की ओर धक्का देने वाले थ्रस्टर्स मिलें, तो उससे हर तरह की कलाबाजी नियंत्रित करना संभव नहीं होगा।
इसीलिए रोडस्टर में मुख्य थ्रस्टर्स के साथ अलग-अलग दिशा में काम करने वाले एटीट्यूड कंट्रोल थ्रस्टर्स भी बताए गए हैं। इनका काम हवा में कार का कोण और उसकी स्थिति नियंत्रित करने में मदद करना है।
इसे आसानी से  समझें तो कार को सिर्फ ऊपर उठाने के बजाय यह भी नियंत्रित करना होगा कि उसका अगला हिस्सा किस तरफ रहे, वह कितनी घूमे और उतरते समय उसका संतुलन कैसा हो। इसके लिए अलग-अलग थ्रस्टर्स के इस्तेमाल का दावा किया गया है।
प्रदर्शन में कार ने हवा में घूमकर कलाबाजी दिखाई। Tesla के मुख्य डिजाइनर फ्रांज वॉन होल्जहाउसेन ने इस करतब को स्केटबोर्डिंग के शब्द से जोड़ते हुए 'किकफ्लिप' कहा।
मस्क ने यह भी कहा कि टीम भविष्य में इससे ज्यादा लंबी उड़ान जैसे प्रदर्शन करने की कोशिश कर सकती है। उन्होंने Snake River Canyon में एक और स्टंट करने की संभावना का जिक्र किया। इसी जगह स्टंट राइडर एवल नाइवेल ने दशकों पहले छलांग लगाने का प्रयास किया था।
हालांकि, ऐसे प्रदर्शन की संभावना और उसके सुरक्षित तरीके से पूरा होने की पुष्टि अलग-अलग बातें हैं। कार के उड़ान संबंधी दावों का मूल्यांकन करने के लिए इसके नियंत्रण, हवा में स्थिरता और सुरक्षित लैंडिंग की विस्तृत जानकारी जरूरी होगी।

क्या कार जमीन पर चिपककर उल्टी दौड़ सकती है?
रोडस्टर का खास सिस्टम उसके निचले हिस्से में लगा सक्शन फैन है। इसका काम थ्रस्टर्स से अलग है। जहां थ्रस्टर्स हवा को तेज गति से बाहर निकालकर बल पैदा करते हैं, वहीं सक्शन सिस्टम कार के नीचे से हवा खींचकर उसे सतह की ओर दबाने में मदद करता है।
टेस्ला के अनुसार, यह सिस्टम कार पर दो G तक का नीचे की ओर बल पैदा कर सकता है। कंपनी के प्रदर्शन में Roadster एक घुमावदार रैंप पर ऊपर चढ़ी और लगभग उल्टी स्थिति में भी सतह से जुड़ी रही। इसके बाद थ्रस्टर्स की मदद से उसने हवा में मूवमेंट किया और नीचे उतरी।
इसे समझने के लिए वैक्यूम सक्शन का उदाहरण लिया जा सकता है। जैसे सक्शन कप किसी चिकनी सतह पर पकड़ बनाने के लिए हवा का दबाव कम करता है, वैसे ही कार के नीचे हवा खींचने वाला सिस्टम उसे सतह की ओर दबाने में मदद कर सकता है। हालांकि, वाहन में यह प्रक्रिया बहुत ज्यादा जटिल है और इसके लिए खास डिजाइन, हवा के प्रवाह और सतह के संपर्क को नियंत्रित करना पड़ता है।
कंपनी की ओर से दिखाया गया प्रदर्शन यह साबित नहीं करता कि कार हर तरह की दीवार, सड़क या सतह पर उल्टी दौड़ सकेगी। वास्तविक इस्तेमाल में सतह की बनावट, रैंप का आकार, गति और मौसम जैसी स्थितियां महत्वपूर्ण होंगी।

हवा में उड़ सकेगी टेस्ला की नई कार (टेस्ला रोडस्टर) - फोटो : @Tesla
मोड़ पर पकड़ कैसे बढ़ेगी? क्या फैन सिर्फ स्टंट के लिए है?
सक्शन सिस्टम का संभावित इस्तेमाल सिर्फ उल्टा चलने तक सीमित नहीं है। कार के नीचे दबाव में बदलाव करके टायरों को सड़क पर अधिक मजबूती से टिकाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे तेज मोड़ लेते समय कार की पकड़ बेहतर करने में सहायता मिल सकती है।
टेस्ला ने दावा किया है कि रोडस्टर का सक्शन सिस्टम दो G तक का बल पैदा कर सकता है और कार दो G से अधिक की कॉर्नरिंग क्षमता हासिल कर सकती है। ये कंपनी के बताए आंकड़े हैं; सामान्य सड़क पर अलग-अलग परिस्थितियों में इनकी पुष्टि के लिए स्वतंत्र परीक्षण जरूरी होंगे।
कार में एक्टिव एयरोडायनामिक्स भी दिए गए हैं। इनमें ऐसा रियर विंग शामिल है, जिसका कोण बदला जा सकता है। तेज रफ्तार पर कार के आगे और पीछे के कुछ हिस्से हवा के प्रवाह को बढ़ाने के लिए खुल सकते हैं। इससे कंपनी कार की पकड़ और हवा के प्रतिरोध के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
यानी, थ्रस्टर्स और सक्शन फैन दोनों का काम अलग-अलग है। थ्रस्टर्स हवा में दिशा और मूवमेंट नियंत्रित करने के लिए हैं, जबकि सक्शन सिस्टम का उद्देश्य सतह पर पकड़ और डाउनफोर्स बढ़ाना है।

0 से 96 किमी/घंटा की रफ्तार सिर्फ 0.81 सेकंड में?
राेडस्टर के प्रदर्शन में सबसे चौंकाने वाला दावा इसकी रफ्तार को लेकर रहा। टेस्ला ने बताया कि कार 0 से 60 मील प्रति घंटा यानी लगभग 96.5 किमी प्रति घंटा की गति 0.81 सेकंड में पकड़ सकती है। कंपनी के व्हीकल इंजीनियरिंग प्रमुख लार्स मोरावी ने एक सेकंड से कम समय में 60 मील प्रति घंटा तक पहुंचने का दावा किया। हालांकि, इस प्रदर्शन के आंकड़े को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित उत्पादन वाली कार का रिकॉर्ड नहीं माना जाना चाहिए।
इवेंट में समय मापने वाली प्रणाली को लेकर भी परेशानी हुई और पहले दिखाई दिए 0.17 सेकंड जैसे आंकड़े को अंतिम परिणाम नहीं माना गया। बाद में 0.81 सेकंड का आंकड़ा सामने आया। इसलिए खबर में इस समय को कंपनी के प्रदर्शन में बताए गए दावे के तौर पर देखना चाहिए।
मस्क ने कहा कि उत्पादन वाली कार इससे भी तेज हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार आधा मील की दूरी उतने समय में तय कर सकती है, जितने समय में दूसरी कारें एक चौथाई मील पूरा करती हैं। यह भी कंपनी की ओर से किया गया दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
टेस्ला ने रोडस्टर की टॉप स्पीड 230 मील प्रति घंटा से अधिक यानी लगभग 370 किमी प्रति घंटा बताई है। मस्क ने इसे ध्वनि की गति के आधे तक पहुंचाने की इच्छा भी जाहिर की, लेकिन यह लक्ष्य है, प्रमाणित प्रदर्शन नहीं।
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टेस्ला रोडस्टर - फोटो : @Tesla
एक बार चार्ज करने पर कितनी दूरी चलेगी?
रोडस्टर एक इलेक्ट्रिक कार है, इसलिए इसकी रोजाना की ड्राइविंग रेंज बैटरी और ऊर्जा खपत पर निर्भर करेगी। रॉयटर्स की रिपोर्ट में Tesla के हवाले से एक बार चार्ज करने पर 300 मील से अधिक यानी करीब 480 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज का दावा बताया गया।
हालांकि, कार्यक्रम में बैटरी की क्षमता, चार्जिंग की गति और चार्जिंग में लगने वाले समय जैसी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। इसलिए अभी यह साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि अलग-अलग ड्राइविंग स्थितियों में कार कितनी दूरी तय करेगी। थ्रस्टर्स का इस्तेमाल करने पर ऊर्जा और एयर टैंक की खपत का वास्तविक प्रभाव भी स्पष्ट नहीं है।
2017 में जब दूसरी पीढ़ी की Roadster का प्रोटोटाइप पहली बार दिखाया गया था, तब Tesla ने करीब 200 kWh बैटरी, लगभग 998 किलोमीटर रेंज और 402 किमी/घंटा टॉप स्पीड जैसे आंकड़े पेश किए थे। मौजूदा मॉडल के लिए बताई गई रेंज और टॉप स्पीड उन शुरुआती दावों से अलग हैं। पुराने आंकड़ों को नई कार की पुष्टि की गई स्पेसिफिकेशन नहीं मानना चाहिए।

डिजाइन में SR-71 विमान से प्रेरणा, अंदर क्या-क्या है?
नई Roadster का डिजाइन पारंपरिक स्पोर्ट्स कारों से अलग और एयरोस्पेस से प्रेरित दिखाई देता है। Tesla के डिजाइन प्रमुख फ्रांज वॉन होल्जहाउसन ने बताया कि कार के डिजाइन पर काम करते समय SR-71 Blackbird जैसे विमानों और बदलते रूप वाले वाहनों से प्रेरणा ली गई।
कार में नीचे की ओर झुका हुआ, एंगलदार बॉडी डिजाइन, ऊपर की ओर खुलने वाले दरवाजे, आगे की तरफ पूरी चौड़ाई में फैली लाइट बार और पीछे की ओर चौड़ी टेल लाइट दी गई है। पीछे के हिस्से में डिफ्यूजर, फैन सिस्टम और थ्रस्टर्स के आउटलेट भी डिजाइन का हिस्सा हैं। Tesla ने एयरोस्पेस से प्रेरित पेंट और गोल्डन टिंट वाले ग्लास का भी जिक्र किया है।
इंटीरियर में पारंपरिक स्टीयरिंग व्हील की जगह योक-स्टाइल कंट्रोल दिया गया है। कार में स्टीयर-बाय-वायर तकनीक का इस्तेमाल बताया गया है, यानी स्टीयरिंग इनपुट इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के जरिए पहियों तक पहुंचता है। ब्रेक और एक्सेलरेटर के नियंत्रण के लिए भी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का उल्लेख किया गया है।
कंपनी ने वजन कम रखने के लिए सीटों को चेसिस के आकार के अनुरूप बनाने और मैग्नीशियम, टाइटेनियम तथा कार्बन फाइबर जैसी हल्की सामग्री इस्तेमाल करने की बात कही है। इंटीरियर में एक मुख्य टचस्क्रीन और आगे की तरफ दो छोटी डिस्प्ले भी दिखाई गई हैं।
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