टेस्ला साइबरकैब को पहले रोबोटैक्सी के नाम से भी जाना जाता था। यह टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के नेतृत्व में एक लंबे समय से चली आ रही परियोजना है। मस्क सेल्फ-ड्राइविंग वाहनों के बहुत मुखर समर्थक रहे हैं। और निजी ग्राहकों को बेची जाने वाली कई टेस्ला ईवी भी कंपनी की FSD यानी फुल-सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक के साथ आती हैं।
लेकिन साइबरकैब टेस्ला द्वारा अब तक कहीं भी पेश की गई किसी भी चीज से अलग है। क्योंकि यह एक फ्लीट-ओनली मॉडल होगा जिसका मकसद आपको इधर-उधर ले जाने के लिए ड्राइवर की जरूरत को खत्म करना है। कंपनी का मत है कि यह इंटिलेजेंट, एडवांस्ड होने के साथ-साथ सस्ता भी है।
Tesla Cybercab
- फोटो : Tesla
सबसे किफायती टेस्ला कौन सी है?
टेस्ला साइबरकैब को हकीकत में बदलने के लिए ओवरटाइम काम कर रही है। और अब उसने पुष्टि की है कि 2026 से बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हो जाएगा। मस्क ने सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी की हर यूनिट की कीमत 30,000 डॉलर या लगभग 25.19 लाख रुपये से कम रखने के साथ अर्थशास्त्र का खेल खेलने के लिए अपनी गर्दन भी जोखिम में डाल दी है। यह साइबरकैब को दुनिया में कहीं भी सबसे सस्ती टेस्ला कार बना देगा। इस समय, सबसे किफायती टेस्ला मॉडल 3 है जिसकी कीमत 40,630 डॉलर (लगभग 34.15 लाख रुपये) से शुरू होती है।
लेकिन टेस्ला सिर्फ खरीद मूल्य पर ही ध्यान केंद्रित नहीं कर रही है। मस्क ने अनावरण कार्यक्रम के दौरान कहा, "यह मास ट्रांजिट से सस्ता होगा। ग्राहक इसे 30,000 डॉलर से कम कीमत पर खरीद सकेंगे। इन्हें चलाने में 20 सेंट प्रति मील का खर्च आएगा, जबकि शहर की बसों के लिए यह 1 डॉलर प्रति मील है।"
मस्क ने एक बार फिर दावा किया कि ये रोबोटैक्सियां किसी भी मानव-चालित टैक्सी से ज्यादा सुरक्षित होंगी। यह बहुत बड़ी बात है। इससे बहुत सी जानें बचेंगी और चोट लगने से बचाव होगा।"
Tesla Robotaxi Cybercab
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टेस्ला ओटीपी - वन ट्रिप प्लीज!
साइबरकैब को सुरक्षित और सस्ता बताया जा रहा है। और जबकि 2026 से अमेरिका में सार्वजनिक तौर पर लॉन्च होने के बाद आप पैसे बचाने में सक्षम हो सकते हैं, क्या ये वास्तव में वो सब है जो मस्क दावा कर रहे हैं?
सेल्फ-ड्राइविंग वाहनों के आलोचकों की संख्या बहुत ज्यादा है। जिनमें से कई ऐसे वाहनों की गतिशील वातावरण में चलने की क्षमता पर संदेह करते हैं। सेंसर, कैमरे और रडार की बैटरी से लैस होने के बावजूद, आलोचकों का तर्क है कि सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों ही गैर-स्व-चालित वाहनों और पर्यावरणीय परिस्थितियों की गतिविधियों का हिसाब नहीं रख सकते हैं। या उनका पूर्वानुमान नहीं लगा सकते हैं। कम से कम हर समय तो नहीं, ऐसा उनका कहना है।
लेकिन साइबर कैब के साथ एक बड़ा नैतिक मुद्दा भी है। यह तर्क दिया जाता है कि रोबोटैक्सी बहुत से मानव चालकों को उनकी आजीविका के साधनों से दूर कर देगी। अमेरिका में श्रमिक-संघ समूहों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए गए हैं। जो इस तरह के वाहनों को बड़े पैमाने पर चलाने देने के लिए किसी भी हरी झंडी का कड़ा विरोध करते हैं। चीन और जापान जैसे देशों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं, या कम से कम चिंताएं जताई गई हैं।
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भारत में, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने साफ तौर से कहा है कि वह देश में चालक रहित कारों की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने दिसंबर 2023 में कहा था, "मैं भारत में चालक रहित कारों को कभी नहीं आने दूंगा। क्योंकि इससे कई ड्राइवरों की नौकरियां चली जाएंगी और मैं ऐसा नहीं होने दूंगा।" गडकरी ने कहा, "यह तकनीक छोटी आबादी वाले देशों के लिए है, लेकिन भारत के लिए नहीं।"
लेकिन कई लोगों का मानना है कि जैसे-जैसे AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपने पैमाने और दायरे का विस्तार कर रहा है, और इसका अस्तित्व अवश्यंभावी है, AI-सक्षम वाहन भी बहुत आम हो जाएंगे। तो विचार यह है कि सुविधा, एडवांस्ड मोबिलिटी और मानव-केंद्रित नजरिए के बीच, यह तलवार की धार पर चलने जैसा है।