पहले क्या समस्या थी?
अब तक तेलंगाना अपना अलग IT सिस्टम इस्तेमाल कर रहा था, जबकि कई राज्य पहले ही ‘वाहन’ से जुड़ चुके थे। इसी वजह से इंटरस्टेट ट्रांसफर, कंप्लायंस और रजिस्ट्रेशन में देरी होती थी।
यह बदलाव कब और कैसे शुरू हुआ?
दिसंबर 2023 में नई सरकार आने के बाद इस दिशा में तेजी आई। सबसे पहले ‘सारथी’ पोर्टल से ड्राइविंग लाइसेंस सेवाएं जोड़ी गईं, और अब ‘वाहन’ के जुड़ने से पूरा सिस्टम राष्ट्रीय ढांचे में शामिल हो गया है।
अब कौन-कौन सी सेवाएं होंगी आसान?
इस डिजिटल इंटीग्रेशन के बाद कई काम आसान हो जाएंगे:
खासकर कमर्शियल वाहन मालिकों को इंटरस्टेट ऑपरेशन में बड़ा फायदा मिलेगा।
सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदने वालों के लिए क्या फायदा?
अब खरीदार आसानी से गाड़ी का पूरा इतिहास देख सकेंगे। जैसे पिछले मालिक, बकाया चालान या लोन। इससे धोखाधड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी।
क्या टैक्स में भी कोई बदलाव हुआ है?
हां, सरकार ने सेकेंड हैंड वाहनों पर लगने वाला अतिरिक्त 2 प्रतिशत लाइफटाइम टैक्स खत्म कर दिया है। यह फैसला भी सोमवार से लागू हो गया है।
कुल मिलाकर क्या असर पड़ेगा?
इस पूरे बदलाव से:
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सिस्टम ज्यादा तेज और पारदर्शी बनेगा
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मैन्युअल काम कम होगा
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राष्ट्रीय स्तर के नियमों के साथ तालमेल बेहतर होगा
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आम लोगों के लिए वाहन से जुड़े काम काफी आसान हो जाएंगे
यानि, अब वाहन से जुड़े ज्यादातर काम “एक देश, एक सिस्टम” के तहत सरल और डिजिटल तरीके से पूरे हो सकेंगे।