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E20 Petrol: तेल संकट के बीच पीएम मोदी ने क्यों की ई20 पेट्रोल की तारीफ? कैसे घट रही है भारत की तेल निर्भरता

Mon, 23 Mar 2026 04:46 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट के दौरान भारत की मदद करने वाले उपायों को गिनाते हुए, पीएम नरेंद्र मोदी ने विशेष रूप से E20 पेट्रोल का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने की वजह से भारत को कम तेल आयात करना पड़ा है।
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लोकसभा में पीएम मोदी - फोटो : यूट्यूब वीडियो ग्रैब- @संसद टीवी
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण बढ़ते तेल संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने E20 पेट्रोल को भारत के लिए एक अहम समाधान बताया है। उन्होंने संसद में कहा कि पिछले 10-11 वर्षों में एथेनॉल उत्पादन और ब्लेंडिंग में तेजी से काम हुआ है। जिससे भारत की तेल आयात पर निर्भरता कम हुई है। 

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तेल के लिए भारत काफी हद तक खाड़ी क्षेत्र पर निर्भर है, जो 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इस्रायल के हमले से शुरू हुए लगातार फैलते युद्ध की चपेट में आ गया है।

प्रधानमंत्री ने लोकसभा में लगभग 20 मिनट तक चले अपने भाषण में कहा, "संकट के इस समय में, देश की एक और तैयारी बहुत उपयोगी साबित हो रही है। पिछले 10-11 वर्षों में, इथेनॉल उत्पादन और मिश्रण (ब्लेंडिंग) पर अभूतपूर्व काम किया गया है।"
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E20 पेट्रोल क्या होता है?
E20 पेट्रोल में:

  • 80 प्रतिशत पेट्रोल

  • 20 प्रतिशत एथेनॉल

मिलाया जाता है।

इसका मुख्य उद्देश्य है:

  • तेल आयात कम करना

  • कार्बन उत्सर्जन घटाना

  • गन्ना किसानों को समर्थन देना

 

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भारत को इससे कितना फायदा हुआ?
प्रधानमंत्री के अनुसार:

  • एक दशक पहले एथेनॉल ब्लेंडिंग सिर्फ 1 प्रतिशत थी

  • अब यह बढ़कर 20 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है

  • इसके कारण भारत ने पिछले साल करीब 4.5 करोड़ बैरल कम तेल आयात किया

यह ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बड़ा फायदा माना जा रहा है। 

क्या E20 को लेकर विवाद भी हैं?
E20 पेट्रोल को लेकर कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं।

कई वाहन मालिकों ने दावा किया है कि:

  • माइलेज 6-8 प्रतिशत तक कम हो जाता है

  • पुराने वाहनों में इंजन पर असर पड़ सकता है

खासतौर पर:

  • अप्रैल 2023 से पहले बने वाहन पूरी तरह E20 कम्पैटिबल नहीं हैं

  • उनमें इंजन नॉकिंग, जंग और पाइप में खराबी जैसी समस्याएं हो सकती हैं

हालांकि, सड़क मंत्री नितिन गडकरी और तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बार-बार इस बात से इनकार किया है, और इस मुद्दे पर गलत जानकारी के प्रति आगाह किया है।

सरकार और इंडस्ट्री का क्या कहना है?
सरकार और ऑटो इंडस्ट्री इन चिंताओं को खारिज करती रही है।

  • SIAM के अनुसार, E20 से माइलेज थोड़ा कम हो सकता है

  • लेकिन यह सुरक्षा के लिहाज से जोखिम नहीं है

  • लाखों वाहन पहले से E20 पर चल रहे हैं और बड़े खराबी की रिपोर्ट नहीं आई

सरकार का दावा है कि:

  • E20 से बेहतर एक्सीलरेशन और ड्राइविंग अनुभव मिलता है

  • कार्बन उत्सर्जन लगभग 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है

 

क्या E20 पर कानूनी विवाद भी हुआ?
यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था।

  • एक याचिका में E20 के खिलाफ चिंता जताई गई

  • कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया

सरकार ने कोर्ट में कहा कि:

  • यह नीति किसानों के लिए फायदेमंद है

  • विदेशी मुद्रा की बचत में मदद करती है

 

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क्या एथेनॉल ब्लेंडिंग और बढ़ाई जा सकती है?
ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सुझाव दिया है कि:

  • एथेनॉल ब्लेंडिंग को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया जा सकता है

  • इससे तेल आयात और कम होगा

साथ ही:

  • फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बढ़ावा

  • 100 प्रतिशत एथेनॉल उपयोग की दिशा में कदम

जैसे सुझाव भी दिए गए हैं।

ऊर्जा रणनीति का अहम हिस्सा बना
E20 पेट्रोल भारत की ऊर्जा रणनीति का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।

जहां एक तरफ यह तेल आयात घटाने और पर्यावरण सुधारने में मदद कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुराने वाहनों और माइलेज को लेकर बहस जारी है।

आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि भारत एथेनॉल ब्लेंडिंग को किस स्तर तक ले जाता है और इसके साथ इंफ्रास्ट्रक्चर को कैसे मजबूत करता है।

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