हैदराबाद में सरकार राज्य को इलेक्ट्रिक वाहनों का हब बनाने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। मंगलवार को तेलंगाना विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने राज्य की नई और प्रगतिशील ईवी नीति का रोडमैप साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार खुद मिसाल कायम करने के लिए अपनी कुल वाहन खरीद में 25 से 50 प्रतिशत तक सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन लेने पर विचार कर रही है।
मंत्री ने विधायकों से भी अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में ईवी का उपयोग कर जनता को प्रेरित करें। साथ ही मंत्री ने कहा कि सरकार सिर्फ नीतियां नहीं बना रही है, बल्कि इसे लेकर जागरूकता फैलाने की कोशिश कर रही है। क्योंकि सरकार चाहती है कि तेलंगाना ईवी नीति के मामले में पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बने।
ईवी खरीद पर पर कितने प्रतिशत की छूट?
ईवी अपनाने को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत छूट दी है। मंत्री के अनुसार, तेलंगाना के इस फैसले को देखकर कई अन्य राज्यों ने भी इसी तरह की नीति अपनाई है। पिछले एक साल में राज्य
में करीब एक लाख इलेक्ट्रिक वाहन बिके हैं। ये ईवी की बढ़ती लोकप्रियता को भी दर्शाता है।
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क्या सरकार को इससे कोई नुकसान?
सरकार ने ये भी माना है कि इस नीति की वजह से करीब 900 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद सरकार इसे जारी रखे हुए है। सरकार ने कंपनियों से अपील किया है कि वे अपने कर्मचारियों को ईवी खरीदने पर 20 प्रतशित तक सब्सिडी दें। सरकार स्कूलों, आईटी कंपनियों, फार्मा सेक्टर और अन्य उद्योगों को भी ईवी अपनाने के लिए प्रेरित करने के बारे में सोच रही है। इससे बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा मिल पाएगा।
क्या है PM E-DRIVE योजना ?
पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत वर्तमान में राज्य में 575 इलेक्ट्रिक बसे चल रही है। जल्द ही 2800 और शुरू हो जाएंगी। इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को साफ-सुथरा और सस्ता बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा सरकार ने एक वाहन स्क्रैप नीति भी लागू की है, जिसके तहत पुराने वाहनों को हटाने पर प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, रेडको, पर्यटन स्थलों, रेस्तरां, जिला कलेक्ट्रेट और गेटेड कम्युनिटीज में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
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विधायकों के लिए भी यही सुझाव
मंत्री प्रभाकर ने सुझाव दिया कि विधायक खुद अपने निर्वाचन क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करें। कहा जब तक हम खुद नहीं अपनाएंगे, तब तक जनता को प्रेरणा नहीं मिल सकती। इसलिए हमें पहले खुद इसे अपनाना होगा।