समझिए पेट्रोल-डीजल की डेंसिटी
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सच्चाई क्या है?
वास्तव में, पेट्रोल या डीजल की डेंसिटी पर मौसम का कोई असर नहीं होता क्योंकि पेट्रोल पंपों के टैंक जमीन के अंदर यानी अंडरग्राउंड होते हैं। ये टैंक बाहरी तापमान से प्रभावित नहीं होते और उनका तापमान स्थिर बना रहता है। इसलिए सुबह, दोपहर या रात, किसी भी समय पेट्रोल भरवाने से उसकी मात्रा या गुणवत्ता में कोई फर्क नहीं पड़ता।
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पेट्रोल-डीजल की डेंसिटी कितनी होनी चाहिए?
सरकारी मानकों के अनुसार, पेट्रोल की डेंसिटी लगभग 730 से 800 किलोग्राम प्रति घन मीटर के बीच होती है, जबकि डीजल की डेंसिटी 830 से 900 किलोग्राम प्रति घन मीटर के बीच मानी जाती है। यही डेंसिटी फ्यूल की शुद्धता की पहचान होती है। पेट्रोल पंपों पर आप डेंसिटी मीटर के जरिए इसे जांच भी सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि डेंसिटी में अंतर दिखता है, तो वह दिन या रात के समय की वजह से नहीं बल्कि फ्यूल में गड़बड़ी या मिलावट के कारण होता है।