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NHAI: सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे के लिए क्यों लागू होंगे नए नियम?

Tue, 16 Dec 2025 05:18 PM IST
सुयश पांडेय ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एक समान दिशानिर्देश तैयार करने पर विचार शुरू किया है। यह कदम राजस्थान के फलोदी में हुए भीषण हादसे के बाद उठाया गया है, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। 
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एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पूरे देश में एक जैसे नियम बनाने पर विचार कर रहा है सुप्रीम कोर्ट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पूरे देश में लागू होने वाले एक जैसे नियम बनाने पर विचार कर रहा है। कोर्ट का यह रुख राजस्थान के फलोदी में हुए उस बड़े हादसे के बाद सामने आया है। इस हासमें में 15 लोगों की मौत हो गई थी।

सड़क किनारे अवैध ढाबे दे रहे हैं खतरे को दावत

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जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय विश्नोई ने कहा कि हाईवे और एक्सप्रेसवे के किनारे बने अवैध ढाबे और अतिक्रमण दुर्घटनाओं की बड़ी वजह हैं। कोर्ट ने NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) से पूछा है कि इन ढाबों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है? कौनसी एजेंसी इसकी जिम्मेदार है और नियमों को लागू क्यों नहीं किया जा रहा?

NHAI ने क्या कहा?
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि अवैध ढाबों को हटाने की शक्ति तो NHAI के पास है। लेकिन ज्यादातर मामलों में यह जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन, खासकर जिलाधिकारी को दे दी जाती है। पुलिस और अन्य विभाग भी NHAI के नहीं बल्कि जिलाधिकारी के नियंत्रण में होते हैं। इसलिए इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना जरूरी है।

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जस्टिस विश्नोई ने कहा कि हर हाईवे पर सर्विस रोड नहीं होती और इसी वजह से बीच रास्ते में अवैध ढाबे और छोटी दुकानें बन जाती हैं। यही कारण है कि यहां हादसे ज्यादा होते हैं।

फलोदी हादसे पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया खुद का संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट ने 2 नवंबर को फलोदी में हुए हादसे पर खुद संज्ञान लिया था। इस हादसे में एक ट्रैवलर खड़े ट्रक से टकरा गई थी, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 10 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल थे। सभी लोग बीकानेर के कोलायत मंदिर से जोधपुर जा रहे थे।

कोर्ट का क्या है उद्देश्य?
कोर्ट ने साफ कहा कि यह समस्या सिर्फ एक राज्य की नहीं, बल्कि पूरे देश की है। सुप्रीम कोर्ट का उद्देश्य मौजूदा नियमों की कमियों को दूर करना और ऐसी गाइडलाइंस बनाना है। इसका उद्देश्य भविष्य में फलोदी जैसे हादसों को रोकना है। इस मामले में कोर्ट के न्याय मित्र ने हाईवे पर बड़े पैमाने पर हो रहे अतिक्रमण की तस्वीरें भी कोर्ट के सामने रखीं।

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