Vehicles parked on the Jammu-Srinagar National Highway in Anantnag
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यह मामला किस सड़क हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा?
- सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में राजस्थान के फलोदी में हुए एक गंभीर सड़क हादसे का स्वत: संज्ञान लिया था। 2 नवंबर को हुए इस हादसे में एक टेंपो ट्रैवलर ने सड़क पर खड़े ट्रेलर ट्रक को टक्कर मार दी थी, जिसमें 15 लोगों की जान गई।
- यह दुर्घटना भारत माला हाईवे पर माटोड़ा गांव के पास हुई थी। टेंपो ट्रैवलर राजस्थान के बीकानेर स्थित कोलायत मंदिर से जोधपुर जा रहा था।
- मामले में कई अंतरिम आवेदन भी दाखिल किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 अक्तूबर की तारीख तय की है और कहा है कि वह हाईवे से अतिक्रमण हटाने से जुड़े आवेदनों पर भी सुनवाई करेगा।
हाईवे पर भारी वाहनों की पार्किंग को लेकर कोर्ट ने क्या निर्देश दिए थे?
- 13 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा से जुड़े कई अंतरिम निर्देश जारी किए थे। इनमें कहा गया था कि कोई भी भारी या व्यावसायिक वाहन किसी राष्ट्रीय राजमार्ग के कैरिजवे या पक्के शोल्डर पर तब तक पार्क या खड़ा नहीं किया जा सकता, जब तक उसके लिए निर्धारित बे, ले-बाय या वे-साइड सुविधा उपलब्ध न हो।
- कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग की राइट ऑफ वे सीमा के भीतर किसी नए ढाबे, भोजनालय या व्यावसायिक ढांचे के निर्माण अथवा संचालन पर भी रोक लगाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने सड़क हादसों वाले क्षेत्रों की पहचान को लेकर क्या कहा?
कोर्ट ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और NHAI को दुर्घटना संभावित ब्लैकस्पॉट और महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश दिया था। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर मौजूद दुर्घटना ब्लैकस्पॉट की व्यापक सूची प्रकाशित करने को कहा गया था।
कोर्ट ने अपने पहले के निर्देशों में इस बात पर भी चिंता जताई थी कि भारत की कुल सड़क लंबाई में राष्ट्रीय राजमार्गों की हिस्सेदारी करीब 2 प्रतिशत है। लेकिन देश में होने वाली कुल सड़क दुर्घटना मौतों में इनकी हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि खासकर तेज रफ्तार वाले एक्सप्रेसवे और हाईवे प्रशासनिक लापरवाही या बुनियादी ढांचे की कमियों के कारण खतरे का गलियारा नहीं बनने चाहिए।