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Car Sale Tips: कार बेचने के बाद भी आ रहा है चालान? इस एक लापरवाही के कारण फंस सकते हैं आप; जानें बचने का तरीका

Sat, 18 Jul 2026 07:30 AM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Vehicle Ownership Transfer: गाड़ी बेचने के बाद अक्सर लोगों को लगता है कि उनकी जिम्मेदारी खत्म हो गई, लेकिन उन्हें नहीं पता कि अगर वाहन का RC ट्रांसफर समय पर पूरा नहीं हुआ, तो ट्रैफिक ई-चालान अब भी आपके नाम जारी हो सकते हैं। इतना ही नहीं, किसी दुर्घटना या कानूनी मामले में भी रिकॉर्ड पर वाहन मालिक होने के कारण जवाबदेही आपकी बन सकती है। ऐसे में गाड़ी बेचते समय कुछ जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं उनके बारे में...
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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RC Transfer: क्या आपने अपनी पुरानी गाड़ी बेच दी है और आरसी (RC) ट्रांसफर की प्रक्रिया अधूरी है, तो वाहन मालिक बदलने के बावजूद खरीदार की गलती का हर्जाना आपको भुगतना पड़ सकता है। गाड़ी बिकने के बाद भी ट्रैफिक चालान और किसी हादसे की कानूनी जिम्मेदारी आपके सिर आ सकती है। क्या आप जानते हैं कि एक छोटी सी रसीद आपको कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने से बचा सकती है? जानिए गाड़ी बेचते समय किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है और गलत चालान आने पर उसे ऑनलाइन कैसे चैलेंज करें।
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RC ट्रांसफर अधूरा रहने पर क्यों आती है परेशानी?
  • वाहन बेचने के बाद अगर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) नए मालिक के नाम ट्रांसफर नहीं होता, तो सरकारी रिकॉर्ड में वाहन का मालिक वही व्यक्ति माना जाता है जिसके नाम पर आरसी दर्ज है।
  • ऐसे में ट्रैफिक ई-चालान, नोटिस या अन्य कानूनी जिम्मेदारियां पुराने मालिक तक पहुंच सकती हैं।

गाड़ी बेचते समय ये दस्तावेज जरूर तैयार करें
  • वाहन सौंपते समय डिलीवरी नोट तैयार करवाएं। इसमें वाहन देने की तारीख, समय और खरीदार व विक्रेता दोनों के हस्ताक्षर होने चाहिए।
  • इसके साथ ही फॉर्म 29 और फॉर्म 30 पर खरीदार के हस्ताक्षर जरूर करवाएं। जिससे अगर भविष्य में किसी विवाद, पुलिस जांच या कोर्ट केस की स्थिति आए तो आपके पास ठोस सबूत हो।
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14 दिनों के भीतर RTO को जरूर दें सूचना
  • मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार, वाहन बेचने के बाद 14 दिनों के भीतर संबंधित क्षेत्रीय RTO को लिखित सूचना देना होता है।
  • इसके लिए बिक्री से जुड़े दस्तावेज, डिलीवरी नोट और फॉर्म 29 व 30 की कॉपी जमा करें। दस्तावेज जमा करने के बाद मिलने वाली रसीद अपने पास सुरक्षित रखें। यह भविष्य में आपके लिए महत्वपूर्ण प्रमाण होगी।

अगर नाम पर आ जाए गलत चालान, तो क्या करना चाहिए?
अगर वाहन बेचने के बाद भी आपके नाम ट्रैफिक ई-चालान जारी हो जाता है, तो आप इसे ऑनलाइन सही करवा सकते हैं।
  • परिवहन पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (परिवहन पोर्टल) पर जाएं।
  • शिकायत दर्ज करें: पोर्टल के कंप्लेंट (Complaint) सेक्शन में जाएं और वहां अपना चालान नंबर दर्ज करें।
  • स्थिति स्पष्ट करें: शिकायत बॉक्स में साफ-साफ लिखें कि आपने यह गाड़ी पहले ही बेच दी है और अब आप इसके मालिक नहीं हैं।
  • सबूत अपलोड करें: अपनी बात को साबित करने के लिए गाड़ी का डिलीवरी नोट, बिक्री की रसीद और खरीदार का पहचान पत्र (ID Proof) दस्तावेज के रूप में अपलोड कर दें। 
  • सत्यापन प्रक्रिया: इसके बाद अगर आपकी ओर से दिए गए सबूत सही पाए जाते हैं, तो ट्रैफिक विभाग उस गलत चालान को आपके नाम से हटाकर गाड़ी के नए मालिक के नाम पर ट्रांसफर कर देगा। इस तरह आप किसी भी अनचाहे जुर्माने या कानूनी कार्रवाई से पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
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