: सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्टर्स यानी SIAM की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2026 भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए बेहद मजबूत महीना साबित हुआ। घरेलू बाजार में पैसेंजर वाहन (PV), टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सभी प्रमुख सेगमेंट्स में हाई डबल ग्रोथ देखने को मिली है। इतना ही नहीं, पैसेंजर वाहन और थ्री-व्हीलर बिक्री ने अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड भी बना दिया।
पैसेंजर व्हीकल बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड
अप्रैल 2026 में पैसेंजर वाहनों की घरेलू बिक्री 4,37,312 यूनिट्स रही, जबकि अप्रैल 2025 में यह आंकड़ा 3,48,847 यूनिट्स था। इस तरह सालाना आधार पर 25.4% की मजबूत बढ़त दर्ज हुई। यह भारतीय कार बाजार के लिए अब तक की सबसे बड़ी मासिक बिक्री में शामिल हो गया है।
टू-व्हीलर सेगमेंट में भी जोरदार उछाल
देश में टू-व्हीलर की मांग भी तेजी से बढ़ी रही है। अप्रैल 2026 में 18,72,691 यूनिट्स की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल इसी महीने 14,58,784 यूनिट्स बिके थे। इस तरह 28.4% की बढ़त दर्ज हुई।
किस कैटेगरी में कितनी बिक्री हुई?
स्कूटर: 6,91,993 यूनिट्स
मोटरसाइकिल: 11,38,452 यूनिट्स
मोपेड: 42,246 यूनिट्स
मोटरसाइकिल सेगमेंट में सबसे ज्यादा 30.6% की वृद्धि देखी गई।
थ्री-व्हीलर बाजार भी रिकॉर्ड स्तर पर
SIAM के ताजों आंकड़ों के अनुसार थ्री-व्हीलर सेगमेंट में अप्रैल 2026 के दौरान शानदार ग्रोथ दर्ज की गई। इस दौरान कुल 65,668 यूनिट्स की बिक्री हुई, जबकि अप्रैल 2025 में यह आंकड़ा 49,441 यूनिट्स था। यानी सालाना आधार पर 32.8% की मजबूत बढ़त देखने को मिली।
टेबल के माध्यम से देखें पिछले वर्षों की तुलना
| सेगमेंट |
अप्रैल 2025 |
अप्रैल 2026 |
% बदलाव |
| पैसेंजर वाहन |
3,48,847 |
4,37,312 |
25.4% |
| टू-व्हीलर |
14,58,784 |
18,72,691 |
28.4% |
| थ्री-व्हीलर |
49,441 |
65,668 |
32.8% |
अलग-अलग कैटेगरी का प्रदर्शन
अगर अलग-अलग कैटेगरी के प्रदर्शन की बात करें तो थ्री-व्हीलर सेगमेंट के भीतर भी कई कैटेगरी में अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। पैसेंजर कैरियर की 52,655 यूनिट्स बिकीं, जबकि गुड्स कैरियर सेगमेंट में 11,806 यूनिट्स की बिक्री दर्ज हुई। इसके अलावा ई-कार्ट की 479 यूनिट्स और ई-रिक्शा की 728 यूनिट्स बिकीं। खास बात यह रही कि गुड्स कैरियर सेगमेंट में सबसे ज्यादा 45.1% की वृद्धि दर्ज की गई।
कुल वाहन उत्पादन भी बढ़ा
अप्रैल 2026 में पैसेंजर वाहन, टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और क्वाड्रिसाइकिल को मिलाकर कुल 29,22,427 यूनिट्स का उत्पादन हुआ। जानकार कहते हैं कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है और कंपनियां उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही हैं।
SIAM ने क्या कहा?
राजेश मेनन का कहना है कि FY 2025-26 के दूसरे हाफ में दिखी तेजी नए वित्त वर्ष की शुरुआत में भी जारी है। उनके अनुसार पैसेंजर वाहन और टू-व्हीलर सेगमेंट में अच्छी मांग देखने को मिल रही है, जिससे ऑटो इंडस्ट्री को मजबूती मिल रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से कमोडिटी कीमतों में बढ़ोतरी की चिंता बनी हुई है। इसके बावजूद फिलहाल ऑटो इंडस्ट्री सकारात्मक ग्रोथ ट्रेंड में दिखाई दे रही है।
किन कंपनियों के आंकड़े शामिल नहीं?
SIAM ने स्पष्ट किया कि बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज बेंज, जैगुआर लैंड रोवर, वॉल्वो कार्स जैसी प्रीमियम गाड़ियों के आंकड़े इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। हालांकि Tata Motors की घरेलू पैसेंजर वाहन बिक्री को कुल आंकड़ों में शामिल किया गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ती डिमांड, बेहतर ग्रामीण बाजार और फेस्टिव सीजन की तैयारी से ईवी और कमर्शियल सेगमेंट मजबूत हुआ है। ऐसे में कहा जा सकता है कि आने वाले महीनों में भी ऑटो इंडस्ट्री को मजबूत बनाए रख सकती है। अगर ईंधन और कमोडिटी कीमतें नियंत्रित रहीं, तो हो सकता है, 2026-27 ऑटो सेक्टर के लिए और बेहतर साबित हो सकता है।